राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में एक हैचरी विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में कहा, एकीकृत मत्स्योघोग नीति 2026 के कारण प्रदेश में मछली पालन सेक्टर में 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है। प्रदेश में प्राप्त 2 लाख 91 हजार 938 केज के प्रस्तावों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश को मछली मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर राज्य बनाएंगे।
सीएम ने आगे कहा कि प्रदेश में मोती उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। प्रदेश में मोती उत्पादन के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। अगले ढाई साल में हमें मछली बीज अन्य स्थानों से नहीं खरीदना पड़े, इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर विभाग कार्य करें। प्रदेश में बढ़ रहे मछली उत्पादन को दृष्टिगत रखते हुए कोल्ड चेन तथा अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए।
सीएम ने यह भी कहा कि ब्रांडिंग और निर्यात के लिए आवश्यक नेटवर्किंग को भी प्रोत्साहित किया जाए। नदियों के पुनर्जीवन, जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। जलीय ईको सिस्टम को विकसित करने और जल सम्पदा पर आधारित पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए। मछुआ क्रेडिट कार्ड में मध्यप्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर है।

