ODISHA DESK, भुवनेश्वर: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की सरकार का सख्त रुख देखने को मिला है। सुशासन और पारदर्शिता का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री माझी ने भुवनेश्वर के पूर्व एडिशनल तहसीलदार चित्तरंजन पिल्ला को तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक विस्तृत और उच्च स्तरीय जांच कराई गई। इस जांच रिपोर्ट में चित्तरंजन पिल्ला पर लगे अनियमितताओं और नियमों को ताक पर रखकर फैसले लेने के सभी आरोप पूरी तरह सही पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आते ही मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें नौकरी से निकालने का आदेश जारी कर दिया।

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चित्तरंजन पिल्ला जब भुवनेश्वर में अतिरिक्त तहसीलदार के पद पर तैनात थे, तब उनके कार्यकाल के दौरान जमीन और राजस्व से जुड़े फैसलों में गंभीर अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की कई शिकायतें सामने आई थीं। भुवनेश्वर के बाद उन्होंने जगतसिंहपुर में डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला था।

इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही मुख्यमंत्री माझी ने एक बार फिर अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराया है और कहा; “भ्रष्टाचार जनता के भरोसे को कमजोर करता है और राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। हमारी सरकार में किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को माफ़ नहीं किया जाएगा, चाहे वह कितने भी उच्च पदस्थ पर क्यों न बैठा हो। हर गलत काम करने वाले की जवाबदेही तय की जाएगी।”

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