मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 26 अप्रैल को होने वाली HCS और 3 मई को होने वाली NEET (UG) परीक्षा के सफल संचालन के लिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने नकल रोकने और केंद्रों पर पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में आगामी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र 26 अप्रैल को आयोजित होने वाली HCS एवं संबद्ध सेवाओं की परीक्षा और 3 मई 2026 को होने वाली NEET (UG) परीक्षा रही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी कीमत पर परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने प्रशासन को हर स्तर पर मुस्तैद रहने का आदेश दिया ताकि योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।

नकल रोकने के लिए अभेद्य सुरक्षा चक्र और कड़े प्रबंध

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नकल की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील केंद्रों पर विशेष पुलिस बल तैनात करने और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था को इस तरह से मजबूत किया जाए कि परीक्षा शांतिपूर्ण और निर्बाध तरीके से संपन्न हो सके। प्रदेशभर में केवल NEET (UG) परीक्षा के लिए ही 175 केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ लगभग 65,300 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन को विशेष ट्रैफिक प्लान और भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ‘ग्राउंड जीरो’ पर तैयारी

सुरक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखने को कहा है। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, केंद्रों के बाहर अभिभावकों के ठहरने और वाहनों की पार्किंग के लिए समुचित स्थान चिह्नित करने पर जोर दिया गया ताकि सड़क पर जाम की स्थिति न बने। प्रशासन अब मुख्यमंत्री के इन आदेशों के बाद ‘अलर्ट मोड’ पर है और सभी जिलों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इन दोनों बड़ी परीक्षाओं को एक मिसाल के रूप में बिना किसी विवाद के संपन्न कराना है।