दिल्ली की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने ‘दिल्ली EV सब्सिडी पोर्टल’ (https://evsubsidy.delhi.gov.in)  लॉन्च किया। इस अवसर पर दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026’ की आधिकारिक पुस्तिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ, आधुनिक और सतत परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026’ केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति नहीं, बल्कि स्वच्छ वायु, प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा सुरक्षा और हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी पहल है।

नई नीति के तहत लॉन्च किए गए EV सब्सिडी पोर्टल के माध्यम से पात्र वाहन खरीदार अब ऑनलाइन सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, स्वीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों की सूची, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी और आवेदन की रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली EV सब्सिडी पोर्टल के माध्यम से पात्र लाभार्थी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 60 दिनों के भीतर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सब्सिडी की राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया है।  दिल्ली ईवी सब्सिडी पोर्टल को नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरल, तेज, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। इसके जरिए पात्र लाभार्थी घर बैठे ही सब्सिडी से जुड़ी सभी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी आवेदन प्रक्रिया को पेपरलेस, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सब्सिडी वितरण प्रक्रिया अधिक आसान, तेज और प्रभावी होगी।

घर बैठे आवेदन और रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा

दिल्ली EV सब्सिडी पोर्टल पर नागरिकों और संस्थानों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलने वाले इंसेंटिव और अन्य लाभों के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। इस पोर्टल के जरिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से आवेदकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पोर्टल की खास बात यह है कि आवेदक अपने आवेदन की हर चरण की स्थिति रियल-टाइम में ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे, जिससे सब्सिडी वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहेगी। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी), मतदाता पहचान पत्र समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रूप से ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे। वहीं संस्थानों के लिए जीएसटीआईएन (GSTIN), पैन कार्ड और बैंक खाते से संबंधित विवरण अपलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे संस्थागत आवेदनों का निपटारा भी आसान और तेज होगा।

घर बैठे सब्सिडी के लिए कर सकेंगे आवेदन

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली EV सब्सिडी पोर्टल के माध्यम से पूरी आवेदन प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस होगी। पात्र लाभार्थियों को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि आधार-सत्यापित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का लक्ष्य सभी आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर, अधिकतम 60 दिनों में सब्सिडी राशि जारी करना है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही मंच पर उपलब्ध रहेंगी। इसमें पात्रता की शर्तें, विभिन्न वाहन श्रेणियों के अनुसार मिलने वाली सब्सिडी, अनुमोदित इलेक्ट्रिक वाहनों की सूची, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देश शामिल होंगे। इससे नागरिकों को पूरी जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी और सब्सिडी के लिए आवेदन करना पहले की तुलना में अधिक आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक होगा।

 व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार हुई नई EV नीति: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026 को लगभग एक वर्ष तक विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह नीति केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई नीति में वाहन खरीद और स्क्रैपिंग इंसेंटिव, चरणबद्ध अनिवार्य लक्ष्य (मैंडेट), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, बैटरी रीसाइक्लिंग और ई-वेस्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह नीति आम नागरिक को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। इसमें दोपहिया, तिपहिया, निजी कारों और वाणिज्यिक वाहनों के लिए विशेष प्रोत्साहन (इंसेंटिव) का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, N-1 और N-2 श्रेणी के वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने को बढ़ावा मिल सके।

EV सब्सिडी पोर्टल के लॉन्च अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वाहन निर्माताओं, डीलर्स, स्क्रैपिंग केंद्रों, बिजली वितरण कंपनियों और अन्य हितधारकों से नई ईवी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने चार्जिंग नेटवर्क के तेजी से विस्तार, किफायती इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल उपलब्ध कराने और समयबद्ध स्क्रैपिंग प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण दिल्ली के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीक आधारित, दीर्घकालिक और टिकाऊ समाधान अपनाना जरूरी है।

EV खरीदने पर मिलेगा 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति के क्रियान्वयन पर 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। इस राशि का उपयोग खरीद प्रोत्साहन (इंसेंटिव), स्क्रैपिंग प्रोत्साहन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास तथा रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट जैसी सुविधाओं पर किया जाएगा, जिससे पात्र ईवी खरीदारों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। नई ईवी नीति-2026 के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर 30,000 रुपये तक, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों पर 50,000 रुपये तक और एन-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों पर 1 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा पुरानी प्रदूषणकारी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर भी वाहन की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, ताकि स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिल सके।

अगले साल से दिल्ली में केवल E-ऑटो का होगा नया पंजीकरण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई ईवी नीति के तहत पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों को आजीवन 100 प्रतिशत रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट मिलेगी। यह लाभ 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर भी लागू होगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (L-5) और N-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से केवल नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण होगा। हालांकि, पहले से पंजीकृत पेट्रोल, डीजल या सीएनजी वाहन अपनी निर्धारित वैधता अवधि तक सामान्य रूप से चलते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव को सफल बनाने के लिए सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेजी से विस्तार करेगी। इसके तहत वर्ष 2030 तक दिल्ली में 32,000 से अधिक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे, ताकि राजधानी के नागरिकों को पूरे शहर में सुविधाजनक, सुलभ और विश्वसनीय चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सके।

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