विनोद सैनी, हिसार। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार स्कूलों में विज्ञान, कंप्यूटर और रोबोटिक्स की आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इनसे विद्यार्थियों को प्रयोग, शोध और नवाचार के नए अवसर मिलेंगे। तकनीक से लैस कक्षाएं पढ़ाई को भी अधिक रुचिकर बनाएंगी।

मुख्यमंत्री रविवार को हिसार स्थित ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल में नई शिक्षा सुविधाओं के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्कूल परिसर में ‘उत्कर्ष’ प्रशासनिक ब्लॉक, ‘उदय’ एसईएन विंग, ‘उद्गम’ स्विमिंग पूल और ‘उत्सव’ ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया।

ओपी जिंदल के सपनों को आगे बढ़ाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम पूर्व मंत्री, उद्योगपति और समाजसेवी स्वर्गीय ओपी जिंदल की 96वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने ओपी जिंदल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके शिक्षा और समाज सेवा के सपनों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि 1997 में स्थापित यह स्कूल आधुनिक तकनीक और सोच के साथ विद्यार्थियों को तैयार कर रहा है। स्कूल में उपलब्ध नई सुविधाएं बच्चों को बदलते समय की जरूरतों के लिए तैयार करने में मदद करेंगी।

इनोवेशन हब से छात्रों को मिलेंगे नए प्रयोग के अवसर
मुख्यमंत्री ने स्कूल में स्थापित इनोवेशन हब की सराहना की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में अलग क्षमता, कल्पना और नए विचार होते हैं। जरूरत ऐसे माहौल की है, जहां विद्यार्थी अपने विचारों को मॉडल और प्रोजेक्ट में बदल सकें।
उन्होंने कहा कि इनोवेशन हब विद्यार्थियों में टीमवर्क, नेतृत्व और समस्या का समाधान करने जैसी क्षमताओं को मजबूत करेगा। ऐसे संस्थान 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार नई पीढ़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
नई शिक्षा नीति से रोजगार और कौशल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य युवाओं को चरित्रवान, रोजगारपरक और कौशल से लैस बनाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को विकसित भारत और विकसित हरियाणा के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। इनोवेशन हब से नए स्टार्टअप निकलें और युवाओं को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिले।
हरियाणा में एआई मिशन की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हरियाणा एआई मिशन की स्थापना की है। इसके तहत गुरुग्राम और पंचकूला में एआई हब स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि अब तक 10 हजार से अधिक युवाओं ने स्टार्टअप के क्षेत्र में लाभ उठाया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था तैयार करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
55 हजार से अधिक स्कूल वाई-फाई से जुड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लासरूम, टैबलेट और ई-लर्निंग को बढ़ावा दिया गया है। बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल कौशल की जानकारी देने पर भी जोर है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं और 55 हजार से अधिक स्कूलों को वाई-फाई से जोड़ा गया है।
5 लाख टैबलेट और 40 हजार डिजिटल बोर्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 लाख टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। करीब 40 हजार कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा 1,201 आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रदेश में 13 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 218 हो गई है। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1,420 प्राथमिक राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय भी खोले गए हैं।
हर 10 किलोमीटर पर मॉडल संस्कृति स्कूल का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर 10 किलोमीटर के दायरे में एक मॉडल संस्कृति विद्यालय खोलने की योजना पर काम हो रहा है। इसके तहत अब तक 25 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोले जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 250 पीएम श्री विद्यालय शुरू किए जा चुके हैं। उच्च शिक्षा में शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए चालू वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
सुपर-100 की सीटें 400 से बढ़ाकर 500
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। सुपर-100 कार्यक्रम के जरिए सैकड़ों विद्यार्थियों ने आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाया है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए इस वर्ष सुपर-100 की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई हैं। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए बुनियाद कार्यक्रम का भी विस्तार किया गया है।
खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धि का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के चलते हरियाणा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि देश को मिले 39 पदकों में 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं। इनमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 7 पदक जीते हैं। इनमें प्रदेश की 5 बेटियां भी स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही हैं।
स्वास्थ्य और आवास योजनाओं की भी जानकारी दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान चिरायु योजना के तहत जिला अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने पर भी काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में 1 लाख 60 हजार मकान बनाए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में 5,500 लोगों को 30 वर्ग गज के प्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। इन प्लॉटों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर पक्के मकान बनाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, हिसार की विधायक एवं ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन एमेरिटस सावित्री जिंदल, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, हांसी विधायक विनोद भयाणा, सफीदों विधायक रामकुमार गौतम, जिंदल ग्रुप से रतन जिंदल, दीपिका जिंदल और अभ्युदय जिंदल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा पूर्व सांसद डॉ. डीपी वत्स, पूर्व मंत्री अनूप धानक, पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई, चेयरमैन रवि सैनी, महापौर प्रवीण पोपली, जिलाध्यक्ष आशा खेदड़, पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा, कोषाध्यक्ष अशोक मित्तल, हिसार मंडल आयुक्त गीता भारती, आईजी कुलदीप सिंह, उपायुक्त महेंद्र पाल, एसपी सिद्धांत जैन, अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, सीटीएम रोहित समेत अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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