Bihar News: सीएम सम्राट चौधरी ने आज रविवार (18, सितंबर) को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में आयोजित विकसित बिहार नींव से निर्माण तक लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। प्रोग्रेसिव बुद्धिजीवी महामंथन सह एसोसिएशन, बिहार द्वारा आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि लव-कुश समाज की एकता की नींव वर्ष 1994 में रखी गई थी और यह एकता आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि न्याय के साथ आगे बढ़ते हुए बिहार की समृद्धि और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहता है। वर्ष 1992-93 में कुर्मी चेतना रैली और कुशवाहा सम्मेलन के बाद 1994 में दोनों समाजों ने मिलकर लव-कुश सम्मेलन का आयोजन किया था। इसकी शुरुआत करनेवाले सभी नेताओं को मैं बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि इसी सामाजिक एकता ने आगे चलकर राजनीतिक स्वरूप ग्रहण किया और इससे जुड़ी राजनीतिक पार्टियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार की कल्पना को साकार करने का समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की कल्पना की है। इसे साकार करने के लिये हमलोग काम कर रहे हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है। चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक जैसे महान शासकों ने इसी धरती से भारत और दुनिया को दिशा दी। बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने और मजबूती से प्रस्तुत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बड़ा बदलाव आया है। बिहार और झारखंड के अलग होने के समय बिहार की अर्थव्यवस्था काफी हद तक झारखंड से प्राप्त राजस्व पर निर्भर थी, लेकिन आज बिहार का बजट झारखंड से काफी आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में जहां झारखंड ने 1 लाख 39 हजार करोड़ रूपये का बजट पेश किया वहीं बिहार ने 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। 700 मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) की स्थापना की गई है, जिनमें 3.5 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी साथी ऐप के माध्यम से 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है और रात में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। अभी इस ऐप के माध्यम से रात में लगभग 1 लाख 42 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि, बोधगया में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वाल्मीकि नगर में लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क के निर्माण की पहल की गई है। साथ ही, सीतामढ़ी में भव्य सीता मंदिर के निर्माण का कार्य भी आगे बढ़ाया जा रहा है। लगभग 1000 करोड़ रुपए की लागत से इसका शिलान्यास किया गया है। इसके लिए मैं गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद देता हूं। वर्ष 2028 के 31 दिसंबर से पहले भव्य सीता मंदिर को स्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति विरासत को दुनिया के सामने लाने के साथ-साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, जब सभी लोग मिलकर आगे बढ़ते हैं तो बड़ी उपलब्धियां हासिल होती हैं। उन्होंने पांच उंगलियों का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग होने पर उनकी ताकत सीमित होती है, लेकिन मुट्ठी बनने पर यही एकता की ताकत बन जाती है। उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि और विकास के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम जारी रहेगा। विकसित और गौरवशाली बिहार के निर्माण के लिए हम सभी मिलकर काम करें। आज के इस आयोजन के लिये मैं प्रोग्रेसिव बुद्धिजीवी एसोसिएशन को धन्यवाद देता हूं।
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