पुरुलिया जिले में करम उत्सव के एक कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार एक बहुत बड़ी घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि इस साल के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के ‘संकल्प पत्र’ में कुर्मी समुदाय से किए गए सभी वादों को उनकी सरकार पूरा करेगी. बंगाल के पश्चिमी जिलों में कुर्मी समुदाय का आंदोलन कई बार राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन चुका है.
पश्चिम बंगाल में कुर्मी समुदाय को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि बंगाल सरकार 2025 के कुड़मी आंदोलन से संबंधित सभी मामले वापस लेगी.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को घोषणा की कि पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में कुर्मी समुदाय के सदस्यों के खिलाफ ममता सरकार द्वारा दर्ज किए गए केस वापस ले लिए जाएंगे. CM शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने कुर्मी समुदाय के अंदर “बंटवारा” किया था.
CM शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि इस साल की शुरुआत में सत्ता में आई भाजपा सरकार, अप्रैल में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी द्वारा किए गए वादों को पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और आने वाले दिनों में इस राशि को बढ़ाया जाएगा.
बंगाल में कुर्मी समुदाय लंबे समय से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग कर रहा है. शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालने के बाद से कुर्मी समुदाय के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया. सुवेंदु अधिकारी ने कहा की मेरी सरकार कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए भी प्रयास करेगी.
उन्होंने बताया कि वह दुर्गापुर में हुई एक बैठक में पहले ही केस वापस लेने के फैसले की घोषणा कर चुके थे. शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि जब कुर्मी समुदाय ने अपना आंदोलन शुरू किया था, तब पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उसे दबाने की कोशिश की.
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