सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक एक बार फिर से सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं. लद्दाख में 24 सितंबर को हुई मौतों की बरसी पर सोनम वांगचुक ‘शहीद दिवस’ आयोजित करेंगे. सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तो 19 से 23 सितंबर तक पदयात्रा की जाएगी. यह कार्यक्रम मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और उन पर दर्ज मुकदमों की वापसी की मांग के लिए है.
सोनम वांगचुक की मांग है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए. उन्होंने बताया कि 24 सितंबर को हुई आम नागरिकों की हत्याओं की पहली बरसी मनाई जाएगी.
लद्दाख में एक साल पहले मारे गए लोगों के परिवारों के लिए उचित मुआवजा और उनसे जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर ‘शहीद दिवस कार्यक्रम’ आयोजित किया जाएगा. यह दिन उन लोगों की याद में मनाया जाएगा, जिन्होंने लद्दाख की संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए अपनी जान गंवाई.
सोनम ने पहले पदयात्रा को 6 दिवसीय बताया और 19 से 23 सितंबर तक पदयात्रा करने की बात कही. हालांकि अब उन्होंने एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने जो पदयात्रा करने का ऐलान किया था अब वो उसे कैंसिल कर रहे हैं. सोनम वांगचुक ने कहा कि 6 दिवसीय यात्रा को स्थगित करके अब वो सिर्फ एक दिन की सांकेतिक पदयात्रा करने जा रहे हैं. जो 23 तारीख को लेह की तरफ को की जाएगी.
हाल ही में लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय की सब-कमेटी के साथ बैठक के बाद केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित चुनी हुई संस्था का ड्राफ्ट पेश न करने पर निराशा जताई है.
नए कार्यक्रम के अनुसार, कारगिल में 23 सितंबर को शांतिपूर्ण विरोध रैली होगी. साथ ही 24 सितंबर को शहीद दिवस से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी होंगे. आपको याद दिला दे कि वांगचुक को लद्दाख में हिंसा भड़काने के आरोप में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत 6 महीने तक हिरासत में भी रखा गया था.
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