Teejan Bai passes away, सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई के निधन (Teejan Bai passes away) पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने उनके निधन को भारतीय लोक कला और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया.
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी विलक्षण प्रतिभा, सशक्त अभिव्यक्ति और संगीत साधना के बल पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा ‘पंडवानी’ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. भारतीय लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा. डॉ. तीजन बाई ने अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली के माध्यम से देश और दुनिया में भारतीय लोक संस्कृति को नई पहचान दिलाई. उनका जीवन कला साधना, समर्पण और परंपराओं के संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण है.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां दंतेश्वरी से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की.
छत्तीसगढ़ के साधारण परिवार में हुआ था जन्म
डॉ. तीजन बाई का जन्म 24 अप्रैल 1956 को छत्तीसगढ़ के एक साधारण परिवार में हुआ था. उन्होंने बचपन से ही महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी गायन की शिक्षा प्राप्त की और पुरुष प्रधान मानी जाने वाली कापालिक शैली में प्रस्तुति देकर नई पहचान बनाई. अपनी प्रभावशाली आवाज और मंचीय कौशल के दम पर उन्होंने पंडवानी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई.
भारतीय लोक संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्मभूषण और 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था.

