सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने घुमंतू, विमुक्त और अर्ध-घुमंतू (डीएनटी) समाज के विकास को लेकर बड़ा कदम उठाया है. घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (6 अगस्त) को अपने सरकारी आवास पर इस समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. इस बैठक को समाज के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि बोर्ड गठन के बाद मुख्यमंत्री और समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच यह पहली बड़ी बातचीत होगी.
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विकास बोर्ड बनने पर मुख्यमंत्री का होगा सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान घुमंतू, विमुक्त और अर्ध-घुमंतू समाज के लोग उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए उनका आभार व्यक्त करेंगे. प्रतिनिधियों की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान भी किया जाएगा.
समाज के लोगों का कहना है कि लंबे समय से उनकी पहचान, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं तक पहुंच से जुड़ी समस्याएं बनी हुई थीं. विकास बोर्ड बनने से अब इन मुद्दों को एक संस्थागत मंच मिलने की उम्मीद है.
सीएम योगी करेंगे समाज के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया जाएगा. इस दौरान उनके सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी. बैठक में शिक्षा की स्थिति, रोजगार के अवसर, पहचान पत्र और दस्तावेजों की समस्या, सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है. सरकार यह जानने की कोशिश करेगी कि समुदाय के लोगों को जमीनी स्तर पर किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
योगी सरकार ने बनाया घुमंतू विकास बोर्ड
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में घुमंतू विकास बोर्ड का गठन किया है. इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों की पहचान सुनिश्चित करना और उनके विकास के लिए योजनाएं तैयार करना है. बोर्ड के जरिए इन समुदायों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने, सरकारी योजनाओं से जोड़ने और सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सुझाव दिए जाएंगे. लंबे समय से उपेक्षित माने जाने वाले इन समुदायों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
बैठक में मंत्री और अधिकारी भी रहेंगे मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ होने वाली इस बैठक में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. सरकार की कोशिश है कि घुमंतू समाज के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा सरकारी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके. बैठक में आने वाले सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा सकती है.
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घुमंतू समाज के विकास को लेकर बढ़ी उम्मीदें
घुमंतू, विमुक्त और अर्ध-घुमंतू समुदाय देश के कई हिस्सों में वर्षों से अपनी पहचान और स्थायी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते रहे हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को समुदाय के लिए नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ होने वाली यह बैठक आने वाले समय में इन समुदायों के लिए नई योजनाओं और नीतियों की दिशा तय कर सकती है. माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक के जरिए समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएगी.


