लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 10 से 12 दिनों से जारी बारिश का सिलसिला अब भी जारी है. पूर्वी यूपी और तराई के जिलों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. इनमें करीब 40 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि शनिवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं. लखनऊ समेत आसपास के जिलों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने रहेंगे. 10 से 15 अगस्त तक आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी. इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है.
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भारी बारिश से इन जिलों में बढ़ा खतरा
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को कौशांबी, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, इटावा और औरैया समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी. इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है.
बारिश थमेगी लेकिन बढ़ेगी उमस
मौसम विभाग के अनुसार 10 से 15 अगस्त के बीच बारिश में कमी आएगी. हालांकि इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से उमस लोगों को परेशान कर सकती है. राजधानी लखनऊ में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई. इससे मौसम सुहावना बना रहा. लखनऊ में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
हमीरपुर में टूटा बारिश का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को हमीरपुर में इस मानसून सीजन की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई. यहां 150 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. इसके अलावा बांदा में 113.2 मिलीमीटर, खीरी में 95 मिलीमीटर, सुल्तानपुर में 73 मिलीमीटर और प्रयागराज में 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. लगातार बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात भी बने हुए हैं. खासकर तराई और गंगा-यमुना किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
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शनिवार से राहत के संकेत, लेकिन मौसम पर नजर जरूरी
मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार से बारिश की रफ्तार कम हो सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी. लोगों को बिजली गिरने, जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने जहां किसानों को राहत दी है, वहीं लगातार बारिश से कई शहरों में जनजीवन प्रभावित भी हुआ है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है.


