सोनीपत। हरियाणा की सोनीपत पुलिस ने एक बार फिर खाकी का मानवीय चेहरा पेश किया है। पुलिस ने छह महीने से घर से लापता एक 14 साल के नाबालिग बच्चे को सकुशल ढूंढ निकाला है। पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) ममता सिंह के निर्देश पर मुस्तैद बहालगढ़ थाना पुलिस ने इस मासूम को ढूंढकर उसके परिजनों के हवाले किया। जैसे ही रोता-बिलखता बच्चा अपने परिवार से मिला, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
गश्त के दौरान बहालगढ़ चौक पर लावारिस घूमता मिला बच्चा
यह पूरी कहानी बुधवार और गुरुवार (20-21 मई 2026) की दरमियानी रात की है। बहालगढ़ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेश कुमार अपनी टीम के साथ इलाके में रूटीन गश्त पर निकले थे। रात के सन्नाटे में टीम जब बहालगढ़ चौक पर पहुंची, तो वहां एक 14 साल का लड़का लावारिस हालत में अकेला घूमता हुआ दिखाई दिया। इतनी रात को बच्चे को अकेला देखकर पुलिस टीम को शक हुआ। पुलिस ने बच्चे को अपने पास बुलाया और प्यार से पूछताछ शुरू की।
बुजुर्ग पिता का इकलौता सहारा है मासूम
लोकल रिपोर्टर के मुताबिक, जब पुलिस ने बच्चे की काउंसिलिंग की और उसका वेरिफिकेशन (सत्यापन) कराया, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। बच्चा बहालगढ़ थाना क्षेत्र के ही एक पास के गांव का रहने वाला था। वह पिछले करीब छह महीने से अपने घर से लापता था और परिजन उसकी तलाश में भटक रहे थे।
जांच में यह भी पता चला कि यह लड़का अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। कुछ समय पहले उसकी मां का देहांत हो चुका है और उसके पिता काफी बुजुर्ग हैं। इकलौते बेटे के अचानक गायब होने से बुजुर्ग पिता का रो-रोकर बुरा हाल था और घर का चिराग बुझ सा गया था।
चचेरे भाई को सौंपा गया बच्चा, पुलिस का जताया आभार
थाना पुलिस ने तुरंत बच्चे के मिलने की सूचना उसके गांव और परिजनों को दी। खबर मिलते ही बच्चे का चचेरा भाई और अन्य रिश्तेदार भागते हुए थाने पहुंचे। सोनीपत पुलिस ने कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चे को सुरक्षित उसके चचेरे भाई के सुपुर्द कर दिया।
अपने लाडले को दोबारा सही-सलामत सामने देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने सोनीपत पुलिस की मुस्तैदी और इस नेक काम के लिए पूरी टीम का दिल से आभार जताया है।

