चंकी बाजपेयी, इंदौर। कांग्रेस के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश यादव ने इंदौर पुलिस कमिश्नर को आधिकारिक शिकायत सौंपी है, जिसमें 8 प्रमुख बिंदुओं के आधार पर कार्यक्रम की पारदर्शिता, फंडिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

भीड़ जुटाने के लिए आर्थिक सहायता का आरोप

फंडिंग और आर्थिक लालच: भीड़ जुटाने के लिए छात्रों/लोगों को आर्थिक सहायता देने का अंदेशा/आरोप।संदेह के घेरे में 1 लाख रजिस्ट्रेशन: कार्यक्रम के नाम पर किए गए एक लाख रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों की सत्यता पर सवाल।वर्ग-विशेष बहुल क्षेत्र: माहौल प्रभावित करने के लिए विशेष क्षेत्रों से भीड़ इकट्ठा करने की रणनीति का जिक्र।कानून-व्यवस्था का संकट: शहर का माहौल बिगाड़ने और शांति भंग होने की आशंका।अनुमति और फंडिंग की जांच: आयोजन के स्रोतों और वित्तीय लेन-देन की एसआईटी/पुलिस जांच की मांग।छात्र आड़ में राजनीतिक लाभ: शैक्षणिक मंच के दुरुपयोग का आरोप।सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन: भारी भीड़ के नाम पर प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव और सुरक्षा चूक की आशंका। तत्काल कार्रवाई की मांग: कार्यक्रम स्थल और आयोजकों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी व विधिक कार्रवाई।

मध्यप्रदेश

बड़ी खबर: इंदौर में राहुल गांधी के दौरे से पहले विरोध के पोस्टर, लिखा- ‘झूठ की गूंज’

राजनीतिक सरगर्मी

एक तरफ जहां देर रात राहुल गांधी के विरोध में ‘झूठ की गूंज’ वाले पोस्टर लगे थे, वहीं अब भाजपा ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर में लिखित शिकायत देकर शिकंजा कसने की कोशिश की है। कांग्रेस खेमे की ओर से इस शिकायत को राजनीतिक बौखलाहट और कार्यक्रम की सफलता से डर करार दिया जा रहा है।

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