वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के चण्डी प्रखंड में मनरेगा योजनाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर बिहारशरीफ के सर्किट हाउस पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और नालंदा जिलाधिकारी कुंदन कुमार को प्रमुख प्रतिनिधि नरेश पासवान एवं उप प्रमुख दयाशंकर कुमार द्वारा एक लिखित शिकायत सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
मनरेगा योजनाओं में भारी अनियमितताएं
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चण्डी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों, खासकर बेलछी पंचायत में वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान संचालित मनरेगा योजनाओं में भारी अनियमितताएं की गई हैं। आरोप है कि कई योजनाओं में धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया, लेकिन कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि की निकासी कर ली गई।
रोजगार दिए बिना ही कर लिया भुगतान
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत तकनीकी सहायक और कार्यक्रम पदाधिकारी की कथित मिलीभगत से फर्जी मास्टर रोल तैयार कर मजदूरों के नाम पर भुगतान किया गया। इतना ही नहीं, मजदूरों को वास्तविक रोजगार दिए बिना ही भुगतान दिखाने का भी आरोप लगाया गया है।
निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग
आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली का दुरुपयोग करते हुए मजदूरों की मौजूदगी के बिना ही हाजिरी दर्ज की गई और सरकारी धन का गलत तरीके से उपयोग किया गया। प्रमुख प्रतिनिधि नरेश पासवान और उप प्रमुख दयाशंकर कुमार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रति उपमुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को सौंपे जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
सरकार की कार्रवाई पर होगी नजर
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल चण्डी प्रखंड और बेलछी पंचायत की मनरेगा योजनाओं को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर जिला प्रशासन और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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