NEET UG Re-Examination: 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्नपत्रों की ढुलाई में भारतीय वायु सेना की मदद लेने का फैसला लिया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति भी बन गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखा तंज कसा है।
भ्रष्टाचार के संक्रमण से ग्रस्त है पूरा तंत्र
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा- प्रधानमंत्री जी…NEET नीट के री-टेस्ट पेपर को लाने व ले जाने की जिम्मेदारी वायुसेना को सौंपे जाने का निर्णय तो स्पष्ट तौर पर ये स्वीकारोक्ति है कि आपकी सरकार के शासनकाल में पूरा तंत्र ( सिस्टम) भ्रष्टाचार के संक्रमण से ग्रस्त है और भ्रष्टाचारियों के सामने आपकी सरकार पूरी तरह से बेबस और लाचार है।
सेना का काम देश की सुरक्षा करना
रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि, प्रधानमंत्री जी .. सेना के द्वारा किसी प्रतियोगी परीक्षा के पेपर्स की हैंडलिंग देश में पहली दफा होने जा रही है। ये आपकी सरकार की व्यवस्था और आपके भ्रष्टाचार मुक्त शासन के खोखले दावों की पोल खोलती है। उम्मीद है कि आपको इस बात का ज्ञान होगा कि सेना का काम देश की सुरक्षा है, किसी परीक्षा का संचालन- संपादन नहीं।
उन्होंने काह कि, आपकी सरकार के वर्त्तमान शिक्षा मंत्री जी (मानव संसाधन विकास मंत्री) के कार्यकाल में एक नहीं बल्कि दर्जनों पेपर लीक के मामले हुए हैं। मगर न जानें किन वजहों से आपने अब तक उनका इस्तीफा नहीं लिया है? कहीं ऐसा तो नहीं कि पेपर लीक के इस पूरे गंदे खेल को आपकी जानकारी व आपकी सरकार के संरक्षण में अंजाम दिया जा रहा है?
कब होगा इस्तीफा लेने का साहस
रोहिणी आचार्य ने कहा कि, प्रधानमंत्री जी… इस दफा तो आपके शिक्षा मंत्री महोदय इस बार हुए पेपर लीक के लिए खुद की जिम्मेदारी भी स्वीकार रहे हैं। ऐसे में देश आप से जानना चाहता है कि क्या आप अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने का साहस जुटा पाएंगे?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बैठक
बता दें कि कल गुरुवार को नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में शिक्षा मंत्री ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायु सेना की मदद मांगी, जिस पर रक्षा मंत्रालय ने सहमति दे दी। बैठक में यह तय किया गया कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया अब मल्टीलेयर मॉनिटरिंग के तहत होगी। सरकार का फोकस इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर है।
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