शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने महिला आरक्षण बिल, परिसीमन, टेंपल मैनेजमेंट कोर्स तबादला नीति पर सरकार पर सियासी निशाना साधा है। प्रत्येक विधानसभा से फंड इकट्ठा करने मामले पर कहा- फंड की कमी का कॉन्सेप्ट नहीं है। विपक्ष में हैं तो फंड की कमी तो विपक्ष को रहती है। पूरी लूटमार तो भारतीय जनता पार्टी कर रही है लेकिन इससे लोगों को जोड़ने पर कोई ₹100 ₹50 दे देगा जिससे उसकी कनेक्टिविटी कांग्रेस से बनेगी और उनको लगेगा कि यह हमारी पार्टी है जिसमें हमने भी सहयोग किया है। तबादला शुरू होने पर कहा- तबादला उद्योग ओपन होने वाला है। फिर से ट्रांसफर होंगे, पैसा चलेगा और लोगों की तबादले होंगे।
महिला आरक्षण बिल चुनावी लाभ के लिए
जनगणना के पहले जो आरक्षण कर रहे हैं वह गलत है पहले जनगणना हो फिर परिसीमन हो और फिर आरक्षण हो। जो भी अभी हो रहा है नारी सम्मान के नाम पर यह सब पंचायत में है और नगर निगम में पहले ही दिग्विजय सिंह की सरकार में हुआ है। राजीव गांधी ने 73-74 अमेंडमेंट में हो चुका है यह केवल इवेंट मैनेजमेंट है। अभी सिर्फ चुनाव में महिलाओं के वोट मिल जाए किसी तरह की सरकार बन जाए इसलिए यह सब कर रहे हैं।
बीजेपी के लोग रेप, मर्डर और लूट में लगे हुए
विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने कार से लोगों को कुचल दिया और कह रहा है कि उसका कुछ नहीं होगा उसका पिता विधायक है। यह दिखाता है कि बीजेपी के जो लोग हैं इन्हीं चीजों में लगे हुए हैं। मर्डर, रेप, लूट इसी चीज में लगे हुए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त है कोई सुनने वाला नहीं है। इनके लोगों को लगता है कि हम बाहुबली हैं हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता।
सरकारी जमीन मंदिरों के नाम कर दो
मंदिरों का प्रबंध सही करना है तो जितनी सरकारी जमीन है उनका नाम मंदिरों के नाम कर दो। जब कमलनाथ की सरकार थी तब हम एक प्रस्ताव लेकर आए थे जो सरकार के पास रखा हुआ है। उसको नहीं कर रहे हैं दूसरी तरफ लोगों ने जितनी मंदिर की जमीन को कब्जे में कर रखा है उसे मंदिरों को वापस करो और अगर पढ़ाना है तो हर धर्म के प्रबंधन के कोर्स चलाओ।पहले मेडिकल कोर्स चलाया हिंदी में वह फेल हो गया। व्यापमं में लोगों को लूट लिया, जो कोर्स चल रहा है उनसे लोगों को नौकरी मिले रोजगार मिले तब इवेंट मैनेजमेंट करो।
कांग्रेस शिक्षकों के साथ
भोपाल में शिक्षकों के आंदोलन पर कहा- यह सरकार खुद ने तैयारी कर ली है की परीक्षा लेंगे फेल करेंगे और जगह खाली होगी इसमें अपने लोगों को करेंगे यह इनका कांसेप्ट है हम शिक्षकों के साथ हैं।

