शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले जारी रिसॉर्ट पॉलिटिक्स और बाड़ेबंदी के बीच एक नया सियासी ड्रामा देखने को मिला। जहां बेंगलुरु जा रहे कांग्रेस के विमान को डीजीसीए (DGCA) के नियमों और सुरक्षा जांच के चलते रोक दिया गया। करीब 4 घंटे की जद्दोजहद के बाद ATC ने विमान को क्लियरेंस दिया।
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लंबी जद्दोजहद के बाद मिली इजाजत
इससे पहले डीजीसीए (DGCA) के नियमों और सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए एटीसी ने विमान को रोकने का निर्देश दिया था। जिससे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई थी। लगभग 4 घंटे के लंबे इंतजार और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई। क्लियरेंस मिलते ही सभी विधायक और उनके परिजन राहत की सांस लेते हुए एयरपोर्ट के भीतर दाखिल हुए और विमान ने बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी।
38 विधायक और परिवार के कुल 75 सदस्य विशेष विमान से रवाना
शुरुआत में सीटों की कमी और यात्रियों की सूची में अचानक हुए बदलाव के कारण जो असमंजस बना था, उसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सूझबूझ से सुलझा लिया। मिली जानकारी के मुताबिक इस विशेष चार्टर्ड प्लेन से कुल 38 विधायक अपने परिवारों के साथ बेंगलुरु के लिए रवाना हो चुके हैं। विमान में विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों को मिलाकर कुल 75 लोग सवार हैं।
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बाकी के विधायक रात 8:15 बजे की रेगुलर फ्लाइट से जाएंगे
चार्टर्ड विमान में सीटों की सीमित क्षमता यानि 75 सीट्स होने के कारण जो विधायक इस फ्लाइट में सवार नहीं हो सके, उनके लिए पार्टी ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की है। विशेष विमान में जगह न होने के कारण जो विधायक पीछे छूट गए हैं, वे सभी रात 8:15 बजे बेंगलुरु जाने वाली रेगुलर कमर्शियल फ्लाइट से रवाना होंगे।
बेंगलुरु के आलीशान होटल में रूकेंगे विधायक
सूत्रों के मुताबिक बेंगलुरु पहुंचने के बाद सभी विधायकों और उनके परिवारों को शहर के एक आलीशान रिसॉर्ट में ठहराया जाएगा। जिससे राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले उन्हें विपक्षी खेमे की सेंधमारी और हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) के खतरे से पूरी तरह दूर रखा जा सके। राज्यसभा चुनाव में वोट चोरी होने के डर से दोपहर से शुरू हुआ यह ‘एयरपोर्ट ड्रामा’ फिलहाल विधायकों की रवानगी के साथ शांत हो गया है, लेकिन प्रदेश की सियासत में इसकी चर्चाएं अब और तेज हो गई हैं।


