नीरज काकोटिया, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट के परसवाड़ा कांग्रेस विधायक मधु भगत का एक बयान सुर्खियों में आ गया। कान्हा प्रबंधन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि विशेष समुदाय के हाथों में उनका पारंपरिक तीर-कमान आ गया, तो वे गिन-गिनकर जंगली जानवरों का शिकार करेंगे और मैं भी उनके साथ आगे रहकर हमला करूंगा…” विधायक मधु भगत ने यह बयान अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील भी मीडिया से की।
दरअसल, परसवाड़ा क्षेत्र के ग्राम पर्रापुर में कुछ दिन पहले बाघ ने एक महिला सगुनी बाई बैगा को अपना शिकार बना लिया था, जबकि मालखेड़ी में बाघ के हमले में एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना कान्हा बफर जोन से जुड़ी है। जहां आदिवासी बैगा जनजाति निवासरत है। विधानसभा क्षेत्र भी परसवाड़ा है। बाघ के हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
इन घटनाओं के बाद विधायक मधु भगत प्रभावित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बाघ की दहशत और वन विभाग की कथित लापरवाही को लेकर विधायक के सामने नाराजगी जताई। इसके बाद विधायक मधु भगत ने वन विभाग के अधिकारियों पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल में बाघ के हमले से 4 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन वन विभाग समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा है। इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए एक विवादित बयान दे डाला। मधु भगत ने कहा कि बैगा आदिवासी का निशान तीर-कमान है। जिस दिन यह तीर-कमान उनके हाथों में आ गया, उस दिन वे गिन-गिनकर जंगली जानवरों को मारेंगे और वन विभाग उन्हें रोक नहीं पाएगा, जिसकी अगवानी वह खुद करेंगे। ग्रामीण कभी कोई गलत काम करते हैं तो वन विभाग उनके घर में सर्च वारंट कर जेल भेज देती है। यहां वन विभाग जानमाल की कीमत 8 या 9 लाख रुपए लगा कर उनका (ग्रामीणों) जीवन छीन रही। वन्यजीवों को लेकर कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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