शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश में आदिवासियों के हक और जल-जंगल-जमीन के मुद्दे पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी कांग्रेस की अहम बैठक के बाद भाजपा सरकार और अडानी समूह के खिलाफ एक बड़े मोर्चे का एलान कर दिया है। कांग्रेस आगामी 30 जून को सिंगरौली में एक विशाल आंदोलन करने जा रही है।
ये भी पढ़ें : ‘पहले बुलडोजर मेरे ऊपर चलेगा…’, मंत्री तुलसी सिलावट का वादा वायरल, अब लोग बोले- मकान तोड़ने के आ गए नोटिस
अडानी को कोल ब्लॉक आवंटन के खिलाफ मोर्चा
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सिंगरौली में आदिवासियों की जमीनों को कॉरपोरेट के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अडानी समूह को सिंगरौली में कोल ब्लॉक के लिए जमीन आवंटित की है, जिससे स्थानीय आदिवासियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। इसी के विरोध में 30 जून को कांग्रेस सिंगरौली की धरती पर ऐतिहासिक आंदोलन करेगी। बैठक में आदिवासियों के हितों की लड़ाई से जुड़ा यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है।
‘आदिवासी’ को ‘वनवासी’ बनाना चाहती है भाजपा: सिंघार
उमंग सिंघार ने भाजपा पर आदिवासियों को गुमराह करने और उनकी पहचान बदलने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासियों पर केवल चुनावी डोरे डालना चाहती है। असल में वह आदिवासियों को ‘वनवासी’ बनाकर उनकी मूल पहचान को ही खत्म करने की साजिश रच रही है। जबकि इतिहास गवाह है कि देश और प्रदेश में जब भी कांग्रेस की सरकार बनी है, उसमें आदिवासियों की हमेशा अहम और निर्णायक भूमिका रही है।
ये भी पढ़ें : अपनी ही सरकार के मंत्री पर भड़के BJP MLA पन्ना लाल शाक्य, सीएम से की नकारा मंत्रियों को हटाने की अपील, ऊर्जा मंत्री पर साधा निशाना
जनगणना में ‘आदिवासी कोड’ की बड़ी मांग
कांग्रेस ने अब आगामी जनगणना को लेकर भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि जनगणना के फॉर्म में आदिवासियों के लिए एक अलग ‘आदिवासी कोड’ होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर जनगणना के अंदर आदिवासियों की जनसंख्या को कम करके आंकना चाहती है, इसीलिए वह आदिवासियों को उनका अलग कोड नहीं देना चाहती। कांग्रेस आदिवासियों के इस हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी।

