बठिंडा. पंजाब कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष अवतार हैनरी ने बठिंडा के छह पार्षदों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से बाहर कर दिया है। यह निष्कासन पांच साल के लिए लागू किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवतार हैनरी ने अपने आदेश में कहा कि इन पार्षदों पर बठिंडा नगर निगम चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के पक्ष में वोट देने का आरोप है। जिसके चलते पार्षद अनीता गोयल, सोनिया, ममता, किरण रानी, सुरेश कुमार और विक्रम क्रांति को पार्टी से बाहर कर दिया गया।
क्यों हुई कार्रवाई ?
हैनरी ने बताया कि हाल ही में हुए मेयर चुनाव के दौरान उन्हें शिकायत मिली थी कि कुछ कांग्रेस पार्षदों ने कांग्रेस की बजाय आम आदमी पार्टी को वोट दिया। इस वजह से जरूरी सीटें न मिलने के बावजूद आम आदमी पार्टी ने बठिंडा सीट पर कब्जा कर लिया।
शिकायत के आधार पर 19 पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिनमें से 13 पार्षदों ने जवाब दिया, जबकि बाकी 6 पार्षदों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसी कारण इन पार्षदों पर कार्रवाई की गई और उन्हें 5 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। कांग्रेस हाईकमान को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है।

फिलहाल पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभा रही है। प्रताप सिंह बाजवा विपक्ष के नेता हैं और अक्सर राज्य सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। कांग्रेस 2027 के चुनावों के लिए खुद को मजबूत करने में जुटी हुई है। लुधियाना वेस्ट से विधायक गुरप्रीत गोगी के निधन के बाद उपचुनाव होने हैं, जिसे लेकर कांग्रेस पूरी तैयारी कर रही है। यह उपचुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है।
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