हेमंत शर्मा,भोपाल/इंदौर। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को शिकायत भेजकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके नाम से फर्जी और भ्रामक वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद साइबर विंग भी मामले की जांच में जुट गई है। 15 जून 2026 को भेजे गए पत्र में मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह ने पुलिस कमिश्नर भोपाल को बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर “X-User Flying Lancer” और “Pradeep Maikhuri” नाम के अकाउंट्स द्वारा एक वीडियो पोस्ट कर उन्हें झूठा बदनाम करने का प्रयास किया गया है।शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति न तो दीपक सिंह हैं और न ही उनका उस घटना से किसी प्रकार का कोई संबंध है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वीडियो को उनके नाम से प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई।
शिकायत में क्या कहा गया?
पुलिस कमिश्नर को भेजे गए पत्र में दीपक सिंह ने लिखा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। वीडियो के जरिए जानबूझकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मांग की है कि फर्जी वीडियो वायरल करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से संबंधित पोस्ट को हटवाया जाए।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वायरल वीडियो में उनका कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी उन्हें घटना से जोड़कर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
गृह विभाग और साइबर विंग को भी भेजी गई प्रति
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपि अपर मुख्य सचिव गृह विभाग, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग और पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम भोपाल को भी भेजी गई है। इससे साफ है कि निर्वाचन आयोग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
क्या था वायरल वीडियो?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक कार चालक और बाइक सवार के बीच सड़क पर विवाद होता दिखाई दे रहा है। वीडियो को कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा आईएएस अधिकारी एवं मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह से जोड़कर प्रसारित किया गया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया ।हालांकि दीपक सिंह ने लिखित शिकायत देकर साफ कर दिया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं और उनके खिलाफ झूठी जानकारी फैलाकर बदनाम करने की कोशिश की गई है।
साइबर जांच शुरू
शिकायत मिलने के बाद भोपाल पुलिस और साइबर विंग अब उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान में जुट गई है जिन्होंने वीडियो को गलत दावों के साथ वायरल किया। जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य वैधानिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।अब देखना होगा कि साइबर जांच में वायरल वीडियो की शुरुआत कहां से हुई और इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

