कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जाली दस्तावेजों के जरिए 1.50 करोड़ कीमत की जमीन को हड़पने की कोशिश की गई। जालसाज ने उसके लिए नायाब तहसीलदार के दफ्तर में आवेदन भी कर दिया। लेकिन उसका पैतरा काम नहीं आया। जमीन की असली मालकिन ने मूल दस्तावेज सामने रख दिए तो जालसाजी का खेल पकड़ा गया। जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
दअरसल शहर की सिंधी कॉलोनी में रहने वाली सुजाता सिंह ने पुलिस से शिकायत कर बताया कि गिरवाई में उनकी 1.50 करोड कीमत की जमीन है। भीकम सिंह भगत निवासी राष्ट्रदेव भवन गुढा ने हड़पने का प्रयास किया है। सुजाता सिंह का कहना है कि जमीन उनके पति राघवेन्द्र सिंह ने खरीदी थी। पति के निधन के बाद जमीन का बेटी सुनैना और सुचेतना के नाम नामंतरण हुआ है। भीकम सिंह ने जालसाजी से जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए और इनके जरिए नायाब तहसीलदार के यहां जमीन पर नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था।
नायाब तहसीलदार ने उन्हें नोटिस देकर बुलाया था तब राज खुला। उन्होंने जमीन के मूल दस्तावेज पेश किए तो भीकम सिंह का फरेब सामने आ गया। इसके बाद इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस थाने में की। वही पुलिस ने फरियादी सुजाता सिंह की शिकायत पर आरोपी भीकम सिंह के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

