सोनीपत। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किए गए लाखों रुपये के विवाद ने शहर में हिंसक रूप ले लिया। पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते जानलेवा हमले तक पहुंच गया। आरोप है कि सात लोग एक महिला के घर में जबरन घुस गए और महिला सहित उसके पति, बेटे और बहू के साथ लाठी-डंडों व हथियारों से हमला किया। हमले में महिला की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसके पति और बेटे को भी चोटें आईं। घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई और घायलों को पहले सिविल अस्पताल तथा बाद में गंभीर हालत के चलते पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। पीड़ित पक्ष ने घटना की वीडियो, फटे हुए कपड़े और मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपने की बात कही है।

पुलिस ने शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घर में घुसकर जानलेवा हमले का आरोप

देवनगर गली नंबर-7, ककरोई रोड निवासी उर्मिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 जुलाई की शाम करीब छह बजे सात लोग जबरन उनके घर में घुस आए। इनमें चार लोगों की पहचान प्रमोद उर्फ मनसा, दिनेश, गीता और ममता के रूप में की गई, जबकि तीन अन्य अज्ञात बताए गए हैं। आरोप है कि सभी ने मिलकर लाठी-डंडों और हथियारों से पूरे परिवार पर हमला किया।

महिला की आंख फूटी, कपड़े फाड़ने का आरोप

शिकायत के अनुसार प्रमोद उर्फ मनसा ने उर्मिला को लात मारकर नीचे गिरा दिया, फिर उसकी छाती पर पैर रखकर कपड़े फाड़ दिए और बंदूक की बट से आंख पर वार किया, जिससे आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उर्मिला ने आरोप लगाया कि अगर पड़ोसी समय पर नहीं आते तो उनकी जान जा सकती थी।

पति और बेटे पर भी बेरहमी से हमला

पीड़िता के अनुसार दिनेश और एक अन्य व्यक्ति ने उसके पति शिवचरण को पकड़कर लाठी-डंडों से सिर, चेहरे और जबड़े पर हमला किया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गए। वहीं बेटे अभिनव की छाती और कमर पर डंडों से कई वार किए गए। आरोप है कि उसके सिर पर भी हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर उसे बचा लिया।

बहू के साथ भी मारपीट, जाते-जाते दी जान से मारने की धमकी

शिकायत में कहा गया है कि बहू प्रिया के साथ गीता और ममता ने मारपीट की और उसे पकड़कर थप्पड़ मारे। जब आसपास के लोग एकत्रित हुए तो आरोपी वहां से भाग निकले, लेकिन जाते-जाते पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर गए।

अस्पताल में कराया इलाज, पीजीआई किया गया रेफर

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने डायल-112 पर सूचना दी। इसके बाद सभी घायलों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उर्मिला और उसके पति शिवचरण की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। उर्मिला ने बताया कि आंख से लगातार खून बहने के कारण बाद में निजी अस्पताल में भी उपचार कराना पड़ा।

वीडियो, फटे कपड़े और मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपे

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं। उन्होंने पुलिस को वीडियो, फटे हुए कपड़े और मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराने की बात कही है।

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मामला

पुलिस ने उर्मिला, शिवचरण और अभिनव की मेडिकल रिपोर्ट तथा शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(3), 115, 351(3) और 333 के तहत 23 जुलाई को थाना शहर सोनीपत में एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मामला क्या था?

उर्मिला के बेटे अभिनव ने बताया कि वर्ष 2022-23 में उन्होंने गोहाना निवासी देवेंद्र के पास क्रिप्टोकरेंसी में करीब ₹8 लाख निवेश किए थे। उस समय देवेंद्र ने हर महीने 3 प्रतिशत ब्याज देने का भरोसा दिया था। इसी लालच में ममता ने करीब ₹3 लाख और गीता ने करीब ₹8 लाख निवेश किए। शुरुआत में सभी निवेशकों को नियमित रूप से हर महीने 3 प्रतिशत ब्याज मिलता रहा।
अभिनव के अनुसार वर्ष 2025 में देवेंद्र ने ब्याज देना बंद कर दिया। इसके बाद निवेशकों ने कई बार अपने पैसे वापस मांगे। पिछले महीने हुई एक बैठक में देवेंद्र ने सभी का पैसा चेक के माध्यम से लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वह अपने वादे से मुकर गया और लगातार टालमटोल करता रहा।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब ममता और गीता ने देवेंद्र पर पैसे लौटाने का दबाव बनाया तो उसने कथित तौर पर यह कह दिया कि सभी के पैसे उर्मिला के खाते में भेज दिए गए हैं और अब वे उर्मिला से अपने पैसे ले लें। इसके बाद ममता और गीता ने उर्मिला से फोन पर पैसों की मांग की, लेकिन उर्मिला ने साफ कहा कि उसके खाते में कोई रकम नहीं आई है।

इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया। आरोप है कि इसी विवाद के चलते 21 जुलाई की शाम आरोपित उर्मिला के घर पहुंचे और पूरे परिवार के साथ मारपीट की। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जबकि उर्मिला का इलाज अभी भी जारी है।