लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति दलितों और पिछड़ों के हितों के खिलाफ रही है. उन्होंने अखिलेश यादव के प्रेस वार्ता करने पर भी तंज कसा.
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अंबेडकर पार्क और गेस्ट हाउस कांड का जिक्र
राजभर ने कहा कि 2012 से पहले सपा से जुड़े लोग सत्ता में आने पर अंबेडकर पार्क गिराकर शौचालय बनाने की बात करते थे. उन्होंने 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अगर भाजपा के नेता वहां नहीं पहुंचते तो मायावती की जान को खतरा हो सकता था. उन्होंने कहा कि सपा को अपने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों को नहीं भूलना चाहिए.
प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने का आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सरकार के दौरान दलित कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया गया. उनके मुताबिक, इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर असर पड़ा और कई लोगों ने नौकरी छोड़ दी. राजभर ने इस मुद्दे को दलित हितों से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा.
योजनाओं और नाम बदलने को लेकर हमला
ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि महापुरुषों के नाम पर गरीबों, कमजोरों, पिछड़ों और दलितों के उत्थान के लिए बनाई गई योजनाओं को सपा सरकार ने खत्म किया. उन्होंने अस्पतालों और अन्य संस्थानों के नाम बदले जाने का भी आरोप लगाया. राजभर ने कहा कि कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा की बात करने वालों को सपा के पुराने फैसलों का जवाब देना चाहिए.
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जमीन कब्जे और दलित उत्पीड़न का आरोप
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान दलितों के साथ मारपीट और उनकी जमीनों पर कब्जे की घटनाएं होती थीं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद को पिछड़ों और दलितों का हितैषी बताते हैं, लेकिन उनके मुताबिक सपा के शासनकाल के फैसले इसके विपरीत रहे हैं. राजभर ने कहा कि अब जनता इन मुद्दों पर सवाल पूछेगी.



