रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. उम्र के उस पड़ाव पर, जब इंसान को अपनों की उंगली पकड़कर चलने की जरूरत होती है, 91 वर्षीय परमेश्वर यादव को कथित तौर पर अपने ही पोते के गुस्से का शिकार होना पड़ा. डलमऊ थाना क्षेत्र के पूरे भवानी मजरे रामपुर गहिरखेत गांव में हुई इस घटना ने रिश्तों की बुनियाद को हिलाकर रख दिया है. जिस बुजुर्ग की सलाह के बिना घर का कोई बड़ा फैसला नहीं होता था, वही बाबा अपने ही घर में फावड़े के वार से लहूलुहान होकर जिंदगी की जंग हार गए.
पुलिस के अनुसार, परमेश्वर यादव घर में सो रहे थे. इसी दौरान उनके 27 वर्षीय पौत्र रूपेश उर्फ सरवन यादव ने कथित तौर पर उन पर फावड़े से हमला कर दिया. अचानक हुए हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजन उन्हें तत्काल सीएचसी डलमऊ लेकर पहुंचे. हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल और फिर एम्स रायबरेली रेफर कर दिया. परिजनों की तमाम कोशिशों के बावजूद एम्स में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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परमेश्वर यादव परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य थे. घर की जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर थीं और परिवार के लोग महत्वपूर्ण मामलों में उनकी अनुमति लेते थे. पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर आरोपी पौत्र के मन में नाराजगी और पारिवारिक खुन्नस थी. हालांकि, घटना की पूरी वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. मृतक की बहू सुमन की तहरीर पर डलमऊ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी रूपेश उर्फ सरवन यादव को गिरफ्तार कर लिया है. थाना प्रभारी निरीक्षक राघवन सिंह ने बताया कि आरोपी ने किसी बात को लेकर अपने बाबा पर अचानक हमला किया था. गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.



