कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। सरकारी नौकरी की आड़ में साइबर ठगी का बड़ा खेल! जी हां ग्वालियर साइबर सेल ने मुंबई से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पीएचई विभाग में पंप ऑपरेटर की नौकरी करता था और साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी के फर्जी करंट खाते में महज 13 दिनों में 1 करोड़ 25 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है।
ग्वालियर के नदीपार टाल निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी हरविलास को शेयर बाजार और ऑनलाइन निवेश में मोटे मुनाफे का लालच देकर 5 लाख 37 हजार रुपए की ठगी की गई थी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने जांच शुरू की, तो ठगी की रकम में से 3 लाख 77 हजार रुपए नवी मुंबई के माधव नगर, थाणे निवासी सुमित रमाकांत जायसवाल (28) के बैंक खाते में ट्रांसफर होने का पता चला। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने मुंबई में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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मुंबई में संविदा पर कार्यरत है आरोपी
जांच में सामने आया कि आरोपी नवी मुंबई में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी यानी पीएचई विभाग में संविदा पर पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि वह अपनी नौकरी की आड़ में साइबर ठगों को बैंक खाते किराए पर देकर ठगी की रकम के लेनदेन में मदद करता था। आरोपी ने थाणे स्थित यूनियन बैंक में फर्जी फर्म के नाम से करंट खाता खुलवाया था। जब पुलिस ने इस खाते की पड़ताल की, तो साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
देश में 9 वारदातों में जुड़ा लेनदेन
इस खाते के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई साइबर ठगी की 9 वारदातों से जुड़ा लेनदेन सामने आया है। महज 13 दिनों में खाते में 1 करोड़ 25 लाख रुपए का संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर ठगी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
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