अखिलेश बिल्लौरे, हरदा। Damodar Yadav Controversial Statement: नेहरू स्टेडियम में बहुजन एकता महा आंदोलन के तहत संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें एससी, एसटी और ओबीसी समाज के विभिन्न संगठनों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला।
कार्यक्रम का आयोजन भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों ने किया जिसमें कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद रावण की आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने कई विवादित बयान दिए। उन्होंने न सिर्फ छुआछूत करने वालों को जूता मारने की बात कही। वहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री और पंडित प्रदीप मिश्रा को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं।
दामोदर यादव ने छुआछूत की घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मंच से जूता उतारकर कहा-“जो छुआछूत करेगा, उससे मेरा जूता बात करेगा।’ उनके इस बयान से सभा में जोश का माहौल बन गया। उन्होंने आरक्षण और संविधान को लेकर भी सख्त रुख अपनाया और साफ कहा कि ‘आरक्षण तो क्या, संविधान का एक पन्ना तक नहीं बदलने देंगे।’ उन्होंने आरक्षण विरोधियों पर तंज कसते हुए सवाल किया-“अकबर किसका जीजा था?” और उन्हें समाज को पीछे ले जाने वाला बताया। साथ ही पाखंडवाद पर निशाना साधते हुए इसे खत्म करने की बात कही।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री को पैर छूने को कहा
दामोदर यादव के विवादित बयान यहीं नहीं थमे। उन्होंने पुरानी बातों का जिक्र करते हुए कहा, मैं 50 साल का हूं, वो (पंडित धीरेंद्र शास्त्री) 28 साला का लड़का है। बुंदेलखंड की संस्कृति है कि छोटे बड़े भाई का पैर छूते हैं। वह मेरे पैर छू लेगा तो उसे आशीर्वाद दे दूंगा।
कार्यक्रम में अनिल गुर्जर ने विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने पर आरक्षण मुद्दे को लेकर आरोप लगाए, वहीं सुनील अस्तेय ने अनिल माणिक हत्याकांड में न्याय न मिलने पर सवाल उठाए। हरदा के इस आयोजन में सामाजिक न्याय, आरक्षण की रक्षा और संविधान बचाने के मुद्दे प्रमुख रहे, लेकिन दामोदर यादव के आक्रामक तेवर ने कार्यक्रम को सबसे ज्यादा चर्चा में ला दिया।

