वीरेंद्र कुमार/दरभंगा। जिले में छात्र आंदोलन के समर्थन में निकाला गया एक विरोध मार्च उस समय पूरी तरह हिंसक हो गया, जब प्रदर्शन के निर्धारित समापन के बाद कुछ उपद्रवी तत्व उग्र हो गए। शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अचानक तनावपूर्ण माहौल में बदल गया और लोहिया चौक के आसपास का पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

​लोहिया चौक पर पुलिस बल के साथ झड़प

​प्रदर्शन समाप्ति की घोषणा के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने अचानक कानून को अपने हाथ में ले लिया। लोहिया चौक के पास तैनात पुलिस बल पर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बेकाबू होते देख और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने और उग्र प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसा माहौल बन गया।

​आला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

​घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के तमाम आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए। दरभंगा रेंज के डीआईजी मनोज तिवारी, जिलाधिकारी (DM) कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। इन वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और स्थिति को तेजी से नियंत्रित किया। प्रशासन की मुस्तैदी से बड़ा उपद्रव टल गया।

​प्रशासन की दो टूक: आयोजकों पर भी होगी सख्त कार्रवाई

​घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी कौशल कुमार ने स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में दरभंगा का पूरा इलाका पूरी तरह शांत और पुलिस के नियंत्रण में है। प्रशासन की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई में अब तक 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पुलिस थाने में गहन पूछताछ की जा रही है ताकि अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा सके।
​जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के जो आयोजक थे, वे भीड़ को अनुशासित रखने और नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रहे। प्रशासन ऐसे सभी आयोजकों की वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पहचान कर रहा है। उनकी संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह संदेश बिल्कुल साफ कर दिया है कि दरभंगा में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करने का दुस्साहस करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।