नारनौल में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित भव्य कलश यात्रा में जिला उपायुक्त अनुपमा अंजलि की सादगी चर्चा का विषय रही। वे अन्य महिलाओं के साथ सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा के साथ पैदल यात्रा में शामिल हुईं।
गुलशन कुमार, महेंद्रगढ़। नारनौल शहर में आज ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के पावन अवसर पर एक अत्यंत भव्य और भक्तिमय कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह धार्मिक यात्रा स्थानीय श्री श्याम मंदिर से विधि-विधान के साथ शुरू होकर प्रसिद्ध मोडावाला मंदिर तक पहुंची, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान नारनौल की जिला उपायुक्त (DC) अनुपमा अंजलि के एक विशेष रूप ने सभी का मन मोह लिया। डीसी अनुपमा अंजलि अपनी प्रशासनिक गरिमा के साथ-साथ एक साधारण श्रद्धालु की तरह सिर पर मंगल कलश रखकर महिलाओं की टोली के साथ पैदल यात्रा में शामिल हुईं। उनकी इस सादगी और गहरी धार्मिक आस्था की शहर भर में प्रशंसा की जा रही है।
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष का उत्सव
सोमनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप की प्राण-प्रतिष्ठा के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस विशेष पर्व का आयोजन किया गया था। यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था, जहाँ भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। इस गरिमामयी अवसर पर प्रशासन और राजनीति के कई बड़े चेहरे भी मौजूद रहे, जिनमें जिला पुलिस अधीक्षक, नारनौल विधायक ओमप्रकाश यादव और एसडीएम अनिरुद्ध यादव सहित शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक और गणमान्य लोग शामिल थे। सभी ने मिलकर भारतीय संस्कृति के इस गौरव पर्व में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सोमनाथ मंदिर के इतिहास को याद किया।
संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक: उपायुक्त
कार्यक्रम के दौरान जिला उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारी अटूट आस्था और गौरवशाली भारतीय संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनेक विदेशी हमलों के बावजूद यह मंदिर आज भी अपनी अस्मिता के साथ अडिग खड़ा है। उपायुक्त ने बताया कि इस ऐतिहासिक वर्षगांठ पर नारनौल के सभी शिव मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में नागरिकों ने मंदिर परिसरों में एकत्रित होकर देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का लाइव संबोधन सुना, जिससे लोगों में स्वाभिमान और गौरव की भावना का संचार हुआ।
शहर में रहा धार्मिक उल्लास का माहौल
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के चलते पूरे नारनौल शहर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कलश यात्रा के समापन पर मोडावाला मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन के उच्च अधिकारियों का इस तरह जनता के बीच मिलकर धार्मिक कार्यों में सहभागी होना समाज में सकारात्मक संदेश देता है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

