दिल्ली की महिलाओं के लिए राहत की खबर है। DTC बसों में मुफ्त यात्रा के लिए दी जाने वाली पिंक टिकट सुविधा की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब महिलाएं आगामी 30 सितंबर तक पिंक टिकट के जरिए डीटीसी बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। पहले इस सुविधा को सीमित अवधि के लिए जारी रखा गया था, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ा दी गई है। इसका मतलब है कि दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभी कुछ और समय मिलेगा। पिंक स्मार्ट कार्ड व्यवस्था की ओर बढ़ने के बीच फिलहाल पिंक टिकट के जरिए मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रखी जा रही है। नई डेडलाइन के तहत महिलाएं 30 सितंबर तक डीटीसी बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकती हैं।
दिल्ली परिवहन विभाग ने पहले निर्देश दिया था कि 18 सितंबर से डीटीसी बसों में सफर के लिए ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड अनिवार्य होगा, लेकिन अब इस व्यवस्था को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। गुरुवार को जारी आधिकारिक आदेश में पेपर आधारित पिंक टिकट जारी करने की मौजूदा व्यवस्था को 30 सितंबर तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद पात्र महिला यात्री अब 30 सितंबर तक डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यानी 18 सितंबर से स्मार्ट कार्ड अनिवार्य किए जाने की पूर्व समयसीमा के बावजूद फिलहाल महिलाओं को पेपर पिंक टिकट के जरिए ही मुफ्त सफर की सुविधा मिलती रहेगी।
1 सितंबर को भी बढ़ाई गई थी डेडलाइन
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड व्यवस्था को लागू करने की समयसीमा इससे पहले भी बढ़ाई जा चुकी है। सरकार ने 1 सितंबर को जन्माष्टमी, तीज और गणेश चतुर्थी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों को देखते हुए पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था को आगे बढ़ाया था। उस समय परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा था कि 17 सितंबर के बाद मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड सिस्टम पूरी तरह लागू किया जाएगा। इससे पहले 16 अगस्त से ही पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को अनिवार्य किए जाने की योजना थी। नई समयसीमा के तहत अब 30 सितंबर तक पेपर आधारित पिंक टिकट जारी किए जाएंगे। इस दौरान पात्र महिला यात्रियों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलता रहेगा।
एक अक्टूबर से बदल जाएगा मुफ्त सफर का नियम
नए आदेश के अनुसार, 1 अक्टूबर से मुफ्त बस यात्रा केवल वैध ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ के जरिए ही मिल सकेगी। महिला यात्री को बस में लगे मशीन पर अपना स्मार्ट कार्ड टैप करना होगा। इसके बाद ही मुफ्त यात्रा की सुविधा स्वीकार्य होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड वाली महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी। ऐसी यात्रियों को सामान्य टिकट खरीदना होगा और यात्रा के लिए लागू किराए का भुगतान करना पड़ेगा।
कहां से बनवाएं पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड?
महिलाएं बस डिपो और बस टर्मिनल केंद्रों पर निर्धारित स्थानों से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवा सकती हैं। इसके अलावा दिल्लीभर में 50 अधिकृत केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां से कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है। अब तक शहर में करीब 18 लाख पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए आवेदक महिला का दिल्ली की निवासी होना जरूरी है।
कार्ड बनवाने के लिए क्या चाहिए?
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन करते समय महिला आवेदक को आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करने होंगे। इसके अलावा आवेदन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो भी जरूरी होगी। इस तरह 30 सितंबर तक पिंक टिकट के जरिए मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रहेगी, जबकि 1 अक्टूबर से स्मार्ट कार्ड मुफ्त बस यात्रा के लिए अनिवार्य हो जाएगा।
क्यों बंद किए जा रहे पिंक टिकट?
दिल्ली सरकार का कहना है कि पेपर आधारित पिंक टिकट व्यवस्था को खत्म कर पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड सिस्टम लागू करने का उद्देश्य मुफ्त बस यात्रा में पारदर्शिता बढ़ाना है। सरकार ने आरोप लगाया है कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में लागू पिंक टिकट योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ था। रेखा गुप्ता सरकार के मुताबिक, स्मार्ट कार्ड आधारित व्यवस्था से यात्रियों की पहचान और मुफ्त यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से दर्ज होगा। सरकार का दावा है कि इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी राजस्व के संभावित नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत 1 अक्टूबर से मुफ्त बस यात्रा के लिए वैध पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को बस में लगी मशीन पर टैप करना अनिवार्य होगा। बिना स्मार्ट कार्ड के महिला यात्रियों को सामान्य टिकट खरीदकर लागू किराया देना होगा।
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