विक्की आर्य, शमशाबाद (विदिशा) मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक गंभीर घटना की खबर सामने आई है। शमशाबाद वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छापर उमरिया में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह हमला तब हुआ जब टीम मुखबिर की सूचना पर सर्च वॉरेंट लेकर अवैध रूप से काटी गई सागौन (टीक) की लकड़ी जब्त करके वन चौकी ले जा रही थी।
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जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम ने अवैध कटाई की लकड़ी को जब्त किया था। जैसे ही टीम इसे लेकर जा रही थी, कुछ ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में वनरक्षक चन्द्रभान और रामरुचि शर्मा सहित एक वन कर्मचारी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घायल कर्मचारी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल विदिशा रेफर किया गया है।
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प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके। वन विभाग के कर्मचारियों पर यह हमला न केवल कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है, बल्कि सरकारी कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने का गंभीर अपराध भी है।
अवैध वन संपदा की कटाई और तस्करी रोकने वाली टीमों पर ऐसे हमले पर्यावरण संरक्षण और वन सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। स्थानीय स्तर पर ऐसी घटनाओं से वनकर्मियों का मनोबल प्रभावित होता है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

