अनमोल मिश्रा, सतना। अयोध्या के सुप्रसिद्ध राम लला मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अभी ठंडा हुआ नहीं कि अब उनके भक्त हनुमान के मंदिर में मन्नत के लिए बाँधे गए नारियल का सौदा करने के का मामला सामने आया है। जी हां सतना जिले के नागौद में स्थित खेरूआ सरकार मंदिर में आस्था अटूट बंधन में बंधे नारियल का मंदिर के पुजारी द्वारा चोरी छिपे सौदा कर दिया गया है, नागौद क्षेत्र के सुप्रसिद्ध खैरुआ सरकार मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अपनी इच्छापूर्ति और मन्नत के लिए बांधे गए नारियलों को चोरी-छिपे बेचने जैसे सनसनीखेज मामले से पूरे क्षेत्र के भक्तों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वही मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पुजारी और उसके भाई के खिलाफ बी एन एस की विभिन्न धाराओं के तहत अमानत में ख़यानत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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नागौद के खेरूआ सरकार मंदिर में बीते कुछ दशकों लोगों की आस्था प्रगाढ़ हुई है, जहां आम जनमानस से लेकर मध्य प्रदेश के कई मंत्रियों की आस्था का केंद्र रहा है। जहां लोगों की आस्था का इतना अटूट बंधन था वहां स्थित पुजारी परिवार ने उसका सौदा कर डाला पूरे मामले पर अब अकौना-साठिया गांव के निवासी बृजराज सिंह परिहार द्वारा नागौद पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई कि मंदिर के पुजारी प्रशांत तिवारी और उनके भाई मोहित तिवारी ने दूर-दूर से आने वाले भक्तों की आस्था के प्रतीक इन नारियलों का गुपचुप तरीके से सौदा कर दिया है। 

आरोप है कि दोनों भाइयों ने मन्नत के इन नारियलों को महज 7 हजार रुपये में बेच दिया है ,जब भक्तों को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने बेचे गए लाल कपड़ों में बंधे मन्नत के नारियलों से लोड एक यूपी पासिंग गाड़ी (UP93DT0759) को रंगे हाथों पकड़ लिया। आक्रोशित श्रद्धालुओं ने गाड़ी को तुरंत नागौद कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद आरोपी प्रशांत तिवारी और मोहित तिवारी के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।

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गौरतलब है कि खैरुआ सरकार मंदिर की देखरेख और संचालन का जिम्मा वर्तमान में न्यायालय के आदेशानुसार नागौद के एसडीएम (SDM) संभाल रहे हैं, जिन्हें कोर्ट ने रिसीवर नियुक्त किया है। नियम के मुताबिक, मंदिर परिसर में किसी भी तरह की खरीदी, बिक्री या अन्य निर्माण कार्यों के लिए एसडीएम की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। मंदिर के पुजारियों को सीधे तौर पर कोई भी सामग्री बेचने या खरीदने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इसके बावजूद पुजारी बंधुओं द्वारा नियमों का उल्लंघन कर भक्तों की आस्था का सौदा करना अपने आप में  आस्था पर गहरी चोट है देखना कबीले गौर होगा कि इस मामले पर जिला प्रशासन का आगे क्या सख्त रवैया होगा।

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