Rajasthan Transfer List: राजस्थान में सरकारी तबादलों की लिस्ट जारी होते ही बवाल मच गया है। सरकार ने ट्रांसफर के नाम पर ऐसी गफलत की है कि सिस्टम का मजाक उड़ रहा है। एक तरफ मरे हुए पुलिसकर्मी का नाम लिस्ट में डाल दिया गया, तो दूसरी तरफ विधायक को ही पटवारी बताकर उनका ट्रांसफर कर दिया गया।

मामला जोधपुर रेंज से शुरू हुआ। 9 जुलाई को पुलिस विभाग ने तबादला आदेश जारी किए। इसमें एएसआई अनोपाराम का नाम बाड़मेर से बालोतरा शिफ्ट करने के लिए शामिल था। सच्चाई ये है कि अनोपाराम की मौत 8 दिन पहले 1 जुलाई को ही हो गई थी। अब सवाल ये है कि क्या विभाग ने लिस्ट जारी करने से पहले किसी की सुध नहीं ली?
हैरानी की हद तो तब हो गई जब पटवारियों की 924 नामों वाली लिस्ट सामने आई। इस लिस्ट में डीग-कुम्हेर से भाजपा विधायक डॉ. शैलेष दिगंबर सिंह का नाम पटवारी के तौर पर दर्ज था। आदेश में उनका ट्रांसफर भी दिखा दिया गया। सोशल मीडिया पर ये आदेश वायरल होते ही लोग सिस्टम की धज्जियां उड़ाने लगे। सरकारी महकमों की इस लापरवाही ने अफसरों की काबिलियत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल इस कदर भड़के हैं कि उन्होंने सीएम भजनलाल शर्मा को आड़े हाथों ले लिया। बेनीवाल ने X पर पोस्ट कर पूछा, क्या सरकार सिर्फ बिना देखे फाइलों पर मुहर लगाने का काम कर रही है? उन्होंने इसे गुड गवर्नेंस का मजाक बताया है। बेनीवाल का कहना है कि ये सिर्फ गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की गहरी विफलता है।
तबादला सूची में हुई इस फजीहत के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा है। सवाल ये है कि क्या इन गलतियों के लिए जिम्मेदार अफसरों पर कोई एक्शन होगा? या फिर हर बार की तरह फाइलों को रफा-दफा कर दिया जाएगा।
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