राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। 1993 बैच की यह अधिकारी अब उच्च शिक्षा विभाग की कमान संभालेंगी। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब परीक्षा व्यवस्था और खासकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।
दीप्ति गौड़ मुखर्जी विश्वविद्यालयों, तकनीकी शिक्षा संस्थानों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े बड़े नीतिगत फैसलों की जिम्मेदारी संभालेंगी। वे नरेश पाल गंगवार की जगह कामकाज देखेंगी। गंगवार को करीब तीन सप्ताह पहले ही इस पद के लिए नामित किया गया था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने आदेश में संशोधन करते हुए दीप्ति गौड़ मुखर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी?
दीप्ति गौड़ मुखर्जी मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर्स किया है। केंद्र में उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने से पहले वे कॉरपोरेट अफेयर्स सचिव के पद पर कार्यरत थीं। मध्य प्रदेश सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और राजस्व जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में काम किया है।
प्रशासनिक मामलों और जटिल व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए उन्हें सख्त और नियम-कायदों का सख्ती से पालन कराने वाली अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उच्च शिक्षा विभाग की नई सचिव के रूप में दीप्ति गौड़ मुखर्जी पर अब परीक्षा व्यवस्था को विश्वसनीय बनाने और शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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