कुंदन कुमार, पटना/सासाराम। बिहार के डेहरी में एक्साइज ऑफिसर (EO) की संदिग्ध मौत और हत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला है। मृतक अधिकारी के परिजनों से फोन पर विस्तृत बातचीत करने के बाद, तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं और सीधे तौर पर सरकार को आड़े हाथों लिया है।

​बिहार में एक और अधिकारी की हत्या

​तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। राज्य में लगातार अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी एक एनकाउंटर जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं और अब एक जिम्मेदार अधिकारी की हत्या से पूरा प्रशासनिक महकमा सहम गया है। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि इस तरह की वारदातों के बाद आखिर सरकार क्या कर रही है? क्या अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं?

​मृतक परिजनों के आरोपों का हवाला

​मृतक अधिकारी के परिजनों से बातचीत का हवाला देते हुए तेजस्वी यादव ने एक एनडीए (NDA) विधायक पर इस पूरे मामले में सीधे तौर पर शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि इस घटना के पीछे स्थानीय सत्ताधारी विधायक का हाथ है। इसी आधार पर तेजस्वी यादव ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आरोपी विधायक के खिलाफ तत्काल नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करने और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किए जाने की पुरजोर मांग की है।

​IG की जांच पर उठाए गंभीर सवाल

​इस मामले में पुलिस और प्रशासन द्वारा बैठाई गई जांच पर भी तेजस्वी यादव ने कड़ा अविश्वास जताया है। उन्होंने आईजी (IG) स्तर की चल रही जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है। ऐसे में लीपापोती होने की पूरी आशंका है, जिससे पीड़ित परिवार को कभी न्याय नहीं मिल पाएगा।

मुख्यमंत्री पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप

​तेजस्वी यादव ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इस पूरे हत्याकांड की लीपापोती रोकने के लिए इसकी स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। इसके साथ ही उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में अपराधियों को खुला संरक्षण मिल रहा है। यही वजह है कि सत्ता की धौंस दिखाने वाले लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं और अधिकारियों तक को नहीं बख्श रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं मिली, तो आरजेडी इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक जोरदार आंदोलन करेगी।