नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की कुर्क संपत्तियों को रिलीज कराने की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार से जुड़ी संपत्तियों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिल्ली हाई कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने यह फैसला सुनाया.
ED ने अपील की थी कि निचली अदालत के आदेश का हवाला देकर संपत्तियां मुक्त कराने की कोशिश पर रोक लगाई जाए और यथास्थिति (Status Quo) बरकरार रखी जाए.
गांधी परिवार के नियंत्रण वाली AJL को PMLA अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष संपत्तियां मुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से रोकने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से अंतरिम राहत मांगी थी. ED ने यह याचिका उस ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल की है, जिसमें गांधी परिवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया गया था.
जस्टिस सचिन दत्ता की अदालत ने साफ किया कि वह इस स्तर पर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर रही है. कोर्ट ने फिलहाल कोई भी अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया है और स्पष्ट किया कि मुख्य याचिका पर अंतिम सुनवाई के बाद ही फैसला दिया जाएगा. अदालत के इस रुख से फिलहाल संपत्तियों को रिलीज कराने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी है. इस मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को तय की गई है.
यह मामला कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी से जुड़ा है. ED ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है. ED चाहती थी कि संपत्तियों को छुड़ाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश दिया जाए. हालांकि, हाई कोर्ट ने फिलहाल ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया.
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