कलकत्ता हाई कोर्ट समेत बंगाल की सभी जिला अदालतों के परिसरों में सिगरेट, पान और गुटखा पर प्रतिबंध लगाने की पहल की गई है. कलकत्ता हाईकोर्ट पश्चिम बंगाल की अदालतों में अनुशासन व सुरक्षा बढ़ाने हेतु सक्रिय है. कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रबींद्र वी. घुघे ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला न्यायाधीशों को एक पत्र जारी किया है, जिसमें परिसरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मेटल डिटेक्टर लगाने और सख्त जांच करने की बात भी कही गई है.

मुख्य न्यायाधीश ने सभी अदालतों में पान, गुटखा, सिगरेट पर प्रतिबंध तथा मेटल डिटेक्टर से जांच का प्रस्ताव दिया. मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी घुगे ने इस संबंध में जिला अदालतों के न्यायाधीशों को पत्र भेजा है.

पश्चिम बंगाल की अदालतों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुरक्षा से जुड़ी कई घटनाओं को देखते हुए पूरे पश्चिम बंगाल में कोर्ट परिसर में आने वाले सभी लोगों (वकीलों सहित) के लिए मेटल डिटेक्टर से जांच अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है.

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की अदालतों में अनुशासन, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाई कोर्ट समेत बंगाल की सभी जिला अदालतों के परिसरों में सिगरेट, पान और गुटखा पर प्रतिबंध लगाने की पहल की गई है.

मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को बरुईपुर अदालत में एक वकील पर हुए हमले से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान इन प्रस्तावों की जानकारी दी. हालांकि, अभी तक इन उपायों को लागू करने के संबंध में अंतिम निर्णय लेना बाकी है.

इस पहल का उद्देश्य अदालत परिसरों में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने की दिशा में कदम उठाना है. सुनवाई के दौरान मौजूद कुछ वकीलों ने धूम्रपान पर पूर्ण प्रतिबंध के विकल्प के तौर पर अदालत परिसर में अलग धूम्रपान क्षेत्र बनाने का सुझाव भी दिया. मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि राज्य की सभी अदालतों में पान, गुटखा और सिगरेट पर रोक लगाने के संबंध में जिला न्यायाधीशों को पत्र भेजा गया है.

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