दिल्ली के महरौली इलाके में एक कैब चालक ने सीडीआर चौक के पास से एक मासूम बच्ची का अपहरण किया और चलती गाड़ी में उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी कई घंटों तक बच्ची को अपने कब्जे में रखकर दिल्ली-NCR की सड़कों पर घूमता रहा। जब वह बच्ची को लेकर दिल्ली लौट रहा था, तभी पुलिस की नाकेबंदी देखकर वह घबरा गया और पकड़े जाने के डर से वाहन को फिर गुरुग्राम की ओर मोड़ दिया। गुरुग्राम में एक सुनसान जगह पर ले जाकर आरोपी ने बच्ची के साथ दोबारा दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर ऑनलाइन ऐप के जरिए एक सवारी बुक की और उसे गंतव्य तक छोड़ने निकल गया। दिल्ली पुलिस ने कैब कंपनी से मिली लाइव लोकेशन की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की और विकासपुरी इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया।  पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी बबलू ने कई अहम बातें बताई हैं। आरोप है कि उसने बच्ची के विरोध करने और शोर मचाने पर उसके साथ मारपीट की। पुलिस का कहना है कि आरोपी बच्ची को पहले से जानता था और उसे इलाके में गुब्बारे बेचते हुए देखता था। जांच एजेंसियां अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।

बिहार में भी आरोपी पर दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बबलू मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और बिहार में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी मादक पदार्थों के सेवन का आदी बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि वह स्मैक और गांजे जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करता था। पुलिस सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि वारदात के समय आरोपी नशे की हालत में था। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास, उसके संपर्कों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

आरोपी 5 घंटे तक पुलिस को करता रहा गुमराह

गिरफ्तारी के बाद आरोपी बबलू ने कथित तौर पर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में वह कई घंटों तक अलग-अलग बयान देता रहा। पहले आरोपी ने दावा किया कि वह सीडीआर चौक गया था, लेकिन उसने किसी बच्ची को नहीं उठाया। इसके बाद उसने अपनी कहानी बदलते हुए कहा कि बच्ची खुद उसकी गाड़ी में बैठी थी और उसने उसे सुरक्षित गुरुग्राम छोड़ दिया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब जांच टीम ने सख्ती से पूछताछ की और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सबूत उसके सामने रखे, तब जाकर उसने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की बात कबूल की। आरोपी की निशानदेही पर दिल्ली पुलिस की टीम उसे गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में लेकर पहुंची, जहां खुशबू चौक के पास झाड़ियों से बच्ची का शव बरामद किया गया।

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी बबलू महरौली से गुरुग्राम के सुशांत लोक तक करीब 18 किलोमीटर का सफर तय करता रहा। इस दौरान उसे रास्ते में कहीं पुलिस की चेकिंग नहीं मिली। जांच एजेंसियों के अनुसार, अपहरण की सूचना मिलने के बाद दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा सख्त होने लगी थी। पुलिस की सक्रियता देखकर आरोपी कथित तौर पर वापस गुरुग्राम की ओर चला गया, जहां उसने बच्ची की हत्या कर दी।

बच्ची फुटपाथ पर सो रही थी

जांच में सामने आया है कि पीड़ित बच्ची का परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। करीब चार महीने बाद दिल्ली लौटने पर किराये का कमरा नहीं मिलने के कारण परिवार महरौली के सौ फुटा रोड स्थित लालबत्ती के पास फुटपाथ पर रह रहा था। बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि रविवार देर रात एक सफेद रंग की कैब कई बार उनके आसपास घूमती हुई दिखाई दी थी। उन्होंने उस समय इसे सवारी की तलाश में घूम रही गाड़ी समझकर नजरअंदाज कर दिया। पिता के अनुसार, सुबह जब बच्ची गायब मिली तो उन्हें उसी कैब चालक पर शक हुआ। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और जांच शुरू हुई।

300 CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिला कैब का सुराग

घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें गठित कीं। बच्ची के पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने सफेद रंग की कैब की तलाश शुरू की। पुलिस ने महरौली से एमजी रोड तक लगे करीब 300 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को कैब का रजिस्ट्रेशन नंबर मिला, जिसके आधार पर चालक की पहचान बबलू के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने कैब ऐप कंपनी से आरोपी की लाइव लोकेशन हासिल की। लोकेशन के आधार पर विकासपुरी इलाके में घेराबंदी कर आरोपी को सुबह करीब 11:15 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

 ‘भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बच्ची का अंतिम संस्कार

दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई 11 वर्षीय बच्ची का मंगलवार को छतरपुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान श्मशान घाट पर गम और शोक का माहौल रहा। परिवार ने नम आंखों से बच्ची को अंतिम विदाई दी। बच्ची के शव को भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच श्मशान घाट लाया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिसकर्मी तैनात रहे। अंतिम संस्कार के दौरान बच्ची के परिजन बेहद भावुक नजर आए। कई परिजन जमीन पर बैठकर रोते-बिलखते दिखाई दिए, जबकि रिश्तेदार उन्हें संभालने और सांत्वना देने की कोशिश करते रहे। दाह संस्कार के समय कुछ रिश्तेदार भावनात्मक रूप से टूट गए और वहां मौजूद लोगों ने उनकी मदद की। श्मशान घाट का माहौल बेहद दुखद रहा। परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हमने सब कुछ खो दिया है। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”

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