Mustafabad Name will Change: दिल्ली (Delhi) की मुस्तफाबाद से नवनिर्चावित बीजेपी विधायक मोहन सिंह बिष्ट (Mohan Singh Bisht) का बड़ा बयान सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि मुस्तफाबाद का नाम बदला जाएगा। मोहन सिंह ने पहले भी मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिव पुरी (Shiv puri) या शिव विहार (Shiv Vihar) रखने की बात कही थी। वहीं उन्होंने आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) पर भी जमकर निशाना साधा हैं।
मुस्तफाबाद से चुनाव जीतने वाले बीजेपी नेता मोहन सिंह बिष्ट का बड़ा बयान सामने आया हैं। उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलने की बात कही है। मोहन बिष्ट ने कहा कि राजनीतिक दल मुस्तफाबाद पर मेहरबान क्यों हो रहे है, जहां हिंदू रह रहे हो, हिंदू की आबादी हो, उसका नाम शिव पुरी या शिव विहार क्यों नहीं हो सकता, ये मैं करूंगा। इसके अलावा आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा हैं। मोहन ने कहा कि दिल्ली में विकास नाम की कोई चीज़ नहीं है। मैं प्रयास करूंगा कि जहां पीने का पानी, सड़के, स्कूल, पार्क और आने-जाने की कोई सुविधा नहीं है, वहां इन कामों को पूरा किया जाए।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की। बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की सरकार का सफाया कर दिया। राजधानी की 70 सीटों में से 48 सीटों पर पार्टी का झंडा गाड़ा। इतना ही नहीं मुस्लिम बाहुल्य सीट मुस्तफाबाद पर भी भगवा लहराया हैं। मुस्तफाबाद में मुस्लिम वोटरों की संख्या करीब 45 फीसदी है। यहां से बीजेपी ने मोहन सिंह बिष्ट को चुनावी मैदान में उतारा था। आप ने आदिल अहमद खान, कांग्रेस ने अली मेहदी और AIMIM ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को टिकट दिया था।
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मुस्लिम बहुल सीट मुस्तफाबाद में भाजपा उम्मीदवार ने भगवा लहरा कर रिकॉर्ड बनाया। मुस्तफाबाद विधानसभा चुनाव की मतगणना में मोहन सिंह बिष्ट किसी भी राउंड में पीछे नहीं हुए और अंत में उन्होंने कांग्रेस और एआईएमआईएम प्रत्याशियों को करारी शिकस्त दी है। मोहन सिंह को कुल 85,215 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी AAP के आदिल अहमद खान को 17, 578 मतों से धूल चटाई। आदिल अहमद को कुल 67, 637, AIMIM प्रत्याशी ताहिर हुसैन को 33,474 और कांग्रेस उम्मीदवार अली मेहदी को 11,763 वोट मिले।
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कौन है मोहन सिंह बिष्ट ?
मोहन सिंह बिष्ट उत्तराखंड से हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के पुराने और बड़े नेता हैं। वे 1990 के दशक से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हैं। मोहन सिंह 1998 में पहली बार करावल नगर से बीजेपी के ही टिकट पर विधायक बने थे। वे लगातार 2015 तक इस सीट से विधायक रहे। साल 2015 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और बीजेपी के कपिल मिश्रा से चुनाव हार गए थे।

