फतेहगढ़ साहिब। पुलिस की स्पेशल सेल ने देश की राजधानी में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश को नाकाम किया है. दिल्ली को दहलाने की साजिश करने वाले चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें फतेहगढ़ साहिब की तहसील बस्सी पठाना के गांव फतेहपुर जट्टां का मूल निवासी गगनप्रीत सिंह भी शामिल है.

पुलिस के मुताबिक, गगनप्रीत सिंह दिल्ली के थानों, पुलिस चौकियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेकी कर वीडियो पाकिस्तान में आईएसआई हैंडलर को भेज रहा था. इसके सहयोगी पंजाब में भी बैठे है. गगनप्रीत को दिल्ली में भीड़भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग कर मासूम लोगों का खून बहाने का टास्क सौंपा गया था.

जानकारी के अनुसार, गगनप्रीत सिंह का परिवार करीब 10 साल पहले फतेहपुर जट्टां छोड़कर मोरिंडा के गांव मंडा में रहने लगा था. गांव वालों के मुताबिक उसका पिता सुखविंदर सिंह साधारण व्यक्ति है. आपको बता दें कि गगनप्रीत ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसने सिर्फ प्राइमरी स्तर तक ही पढ़ाई की है. बताया जाता है कि वह खालिस्तान विचारधारा से प्रभावित था और अक्सर लड़ाई-झगड़ों में शामिल रहता था.

ड्रोन से आते थे हथियार

खबर है कि इस अपराधिक काम को करने में इस अपराधी का बड़ा रोल थे. इस पूरे नेटवर्क का खुलासा अमृतसर के मजीठा रोड से शुभदीप सिंह उर्फ विशाल की गिरफ्तारी के साथ हुआ स्पेशल सेल ने उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच कारतूस और दो मोबाइल बरामद किए. पूछताछ में शुभदीप ने कबूला कि वह पाकिस्तान के शाहजाद भट्टी नेटवर्क के हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था और ड्रोन के जरिए हथियार व ड्रग्स की खेप रिसीव करता था.

पुलिस का दावा है कि पकड़े गए चारों आरोपियों में गगनप्रीत को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने सबसे खतरनाक काम सौंपा था. वह पिछले कुछ समय से दिल्ली में पुलिस स्टेशनों, पुलिस पिकेट्स और प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेकी कर रहा था साथ ही बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे.

इन जगहों के वीडियो बनाकर वह लगातार पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज रहा था। जांच में सामने आया कि उसे दिल्ली में किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने का सीधा टास्क दिया गया था।

खालिस्तान समर्थन का हिस्सा

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह दिलशाद भट्टी मॉड्यूल आईएसआई समर्थित खालिस्तान समर्थक नेटवर्क का हिस्सा है, जो पंजाब के युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल कर रहा है। ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की खेप भेजकर युवाओं को पहले अपराध और फिर आतंकी साजिशों में धकेला जा रहा है।