दिल्ली की पुलिस व्यवस्था में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राजधानी को अपना पहला ‘ऑल विमेन पुलिस स्टेशन’ (all-women police station) मिलने जा रहा है। इस विशेष थाने का उद्घाटन उत्तरी जिले के सब्जी मंडी इलाके स्थित पुलिस स्टेशन कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा। इस थाने का उद्घाटन उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) करेंगे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस थाने का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े अपराधों की सुनवाई और कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाना है। ऑल विमेन पुलिस स्टेशन शुरू होने के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच और पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस स्टेशन को तैयार करने का काम पिछले कुछ महीनों से चल रहा था।

महिलाओं से संबंधित सभी अपराध किए जाएंगे दर्ज

दिल्ली में शुरू होने जा रहे पहले ऑल विमेन पुलिस स्टेशन को पूरी तरह महिलाओं के लिए समर्पित किया जाएगा। इस थाने में स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) से लेकर अन्य सभी पुलिसकर्मी महिला होंगी।यह विशेष थाना महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायत दर्ज करने और उनकी जांच के लिए काम करेगा। यहां महिला अपराधों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और पीड़िताओं को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस पुलिस स्टेशन में महिलाओं के खिलाफ होने वाले कई गंभीर अपराधों की FIR दर्ज की जाएगी और जांच की जाएगी। इनमें दुष्कर्म के मामले ,छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न ,ताक-झांक (वॉयूरिज्म) ,पीछा करना (स्टॉकिंग) ,घरेलू हिंसा ,दहेज उत्पीड़न ,वैवाहिक विवाद ,सामाजिक अपराध ,दहेज हत्या जैसे मामले शामिल हैं।

महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायतों पर विशेष तरीके से कार्रवाई की जाएगी। शिकायत दर्ज होने के बाद महिला पुलिसकर्मी मामलों की जांच करेंगी और जरूरी सबूत जुटाने का काम भी करेंगी। इस थाने को पूरी तरह महिलाओं के लिए समर्पित बनाया गया है। यहां SHO से लेकर अन्य पुलिसकर्मी तक महिला अधिकारी और कर्मचारी होंगी। महिलाओं से संबंधित अपराधों की जांच और पीड़िताओं को सहायता उपलब्ध कराना इस थाने की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इस पहल की शुरुआत को लेकर उपराज्यपाल ने पहले ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश जारी किए थे। उपराज्यपाल ने कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए राजधानी में महिलाओं के लिए एक समर्पित पुलिस स्टेशन की जरूरत है।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू

अधिकारियों के मुताबिक, सफल रहने के बाद इसी मॉडल को दूसरे राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। जिस तरह साइबर पुलिस स्टेशनों को पहले कुछ चुनिंदा जिलों में शुरू किया गया था और बाद में उनका विस्तार किया गया, उसी तर्ज पर ऑल विमेन पुलिस स्टेशन का भी धीरे-धीरे विस्तार करने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े अपराधों की सुनवाई और जांच को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, इसके लिए दिल्ली पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत होगी, क्योंकि मौजूदा समय में पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है।

अन्य राज्यों में भी कुछ ऐसी ही व्यवस्था

दिल्ली पहला ऐसा राज्य नहीं है जहां महिलाओं के लिए समर्पित ‘ऑल विमेन पुलिस स्टेशन’ शुरू किया जा रहा है। देश के कई अन्य राज्यों में भी महिलाओं से जुड़े अपराधों की सुनवाई और जांच के लिए इस तरह की विशेष पुलिस इकाइयां पहले से काम कर रही हैं। तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में महिलाओं को समर्पित पुलिस स्टेशन या विशेष इकाइयां शुरू की जा चुकी हैं। इनका उद्देश्य महिलाओं से संबंधित अपराधों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करना और पीड़िताओं को बेहतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। अब दिल्ली में भी इसी तर्ज पर पहला ऑल विमेन पुलिस स्टेशन शुरू किया जा रहा है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। सफल परिणाम मिलने के बाद भविष्य में इस मॉडल का विस्तार अन्य जिलों और राज्यों तक किया जा सकता है।

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