Parliament Special Session: विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल (Women Reservation Bill 2026) पेश कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) ने महिला आरक्षण और परिसीमन समेत 3 संशोधन बिल पेश किया। अभी सभी पार्टियां अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। इसके बाद बिल पर व्यापक चर्चा होगी। विपक्ष ने डिलिमिटेशन बिल यानी परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) का विरोध किया है। बिलों को पुर्नस्थापित करने के लिए ध्वनि मत से पास कराने की कोशिश की गई। इसके बाद विपक्ष ने मत विभाजन मांगा। इसके बाद स्पीकर ने इसके लिए वोटिंग की अनुमति दी।
बता दें कि संसद का विशेष सत्र आज से शुरू हो गया। सत्र का इनका उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) को पूरी तरह लागू करना है।
अखिलेश-शाह के बीच वार-पलटवार
लोकसभा में परिसीन बिल पेश होते ही हंगामा शुरू हो गया। सपा ने बिल में मुस्लिम महिला आरक्षण (Muslim women reservation) की डिमांड रखी। अखिलेश यादव ने कहा कि आप जातिगत जनगणना क्यों नहीं करा रहे। आप धोखा देकर ये बिल लाना चाहते हैं। बिल में मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं है।
समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे देः अमित शाह
इसपर अमित शाह ने कहा- अध्यक्ष जी सदन की कार्रवाई को पूरा देश देख रहा है। कुछ बयान ऐसे किए गए जो जनता में चिंता पैदा कर रहे हैं। अखिलेश पूछ रहे हैं जनगणना क्यों नहीं हो रही है। मैं देश को बताना चाहता हूं जनगणना जारी है। उन्होंने कहा कि हम जातीय जनगणना की मांग करेंगे। मैं बताना चाहता हूं कि सरकार इसका भी निर्णय ले चुकी है। और जाति के साथ ही यह जनगणना हो रही है। धर्मेंद्र जी कह रहे हैं कॉलम नहीं है। उनको पता होना चाहिए कि अभी घरों की गिनती हो रही है और घरों की जाति नहीं होती है। जब लोगों की गण्ना होगी तो जाति की भी गणना होगी। आपने जो नियम 72 की खिड़की के बारे में बताया है उसका इस्तेमाल कर धर्मेद्र यादव ने किया है। मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।
समाजवादियों से बड़ा महिलाओं का हितैषी इस देश की कोई पार्टी नहींः धर्मेंद्र यादव
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि देश के संविधान में हम संसद को पावर इस बात की दी गई है कि संविधान की रक्षा करें, सुरक्षा करें, लेकिन सभापति जी आज ऐसे बिल आए हैं कि जो हमारे संविधान को ही तोड़-मरोड़ रहे हैं और इसका हम समाजवादी पार्टी के लोग पुरजोर विरोध करते हैं। सभापति जी जिस तरह से डिलिमिटेशन को जनगणना से पृथक किया जा रहा है। ये मैं समझता हूं कि ये संविधान की भावनाओं के पूरी तरह से विरोध में हैं। समाजवादियों से बड़ा महिलाओं का हितैषी इस देश की कोई पार्टी नहीं है। आज भी आपसे ज्यादा सदस्य हमारे पास हैं। इसलिए सभापति जी आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि इस बिल को संविधान संशोधन बिल को परिसीमन बिल को केंद्र आज संशोधन बिल को वापस लिया जाए।
धर्मेंद्र यादव के बयान पर रिजिजू का पलटवार
किरण रिजिजू ने धर्मेंद्र यादव के बयान पर कहा कि ‘धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं हो सकता, असंवैधानिक बातें न करें। पूरे देश की महिलाओं की बात करें, सिर्फ मुस्लिम महिलाओं की बात क्यों करते हो।
ओवैसी ने किया बिल का विरोध
(AIMIM) सांसद ओवैसी ने बिल का विरोध किया। उन्होंने ओबीसी, मुस्लिमों को कमजोर करने और दक्षिण भारत के राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। कहा, ‘हिंदी पट्टी में सीटें बढ़ जाएंगी, दक्षिणी राज्यों में सीटों का प्रतिशत घट जाएगा।
ये तीनों बिल सैंडविच बिल, हमें इसका विरोध- टी आर बालू
डीएमके सांसद टीआर बालू ने सदन में पेश तीनों बिलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों बिल ही सैंडविच बिल हैं, हम विरोध करते हैं। क्योंकि ये आपस में इंटरलिंक हैं। हमारी पार्टी इसका विरोध करती है। हमने काले झंडे दिखाए। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप चाहे पीले झंडे दिखाओ या काले दिखाओ। इससे सदन को कोई फर्क नहीं पड़ता।
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