शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों मेट्रो विस्तार का काम तेजी पर है। इसी कड़ी में पुराने भोपाल इलाके में कई जगह अंडरग्राउंड मेट्रो का काम किया जाना है। जिन इलाकों में अंडरग्राउंड मेट्रो का काम किया जाना है वहां पर कुछ कब्रिस्तान भी हैं। यही कारण है कि मुस्लिम समाज के कुछ लोगों की तरफ से इस बात का विरोध किया गया कि कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो लाइन नहीं निकालनी चाहिए क्योंकि इससे कहीं ना कहीं कब्रों को नुकसान हो सकता है।

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तय रूट में बदलाव नहीं होगा

अब इस विषय को लेकर सियासत भी गर्मा गई है, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि जो समझदार मुस्लिम है वह जानते हैं कि टेक्नोलॉजी बहुत विकसित हो गई है। मेट्रो की जो लाइन होगी वह 20 से 30 फीट नीचे होगी जबकि कब्र की अधिकतम गहराई 10 फीट होगी। दिल्ली में भी जामा मस्जिद के नीचे से मेट्रो निकल गई वहां तो कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने रूट तय किया है उसमें बदलाव नहीं होगा साथ ही उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम समाज के लोग रूट डायवर्ट करना चाहते हैं तो सरकार का जो पैसा खर्च हुआ है वह सरकार को दे दें।

सरकार को बैठकर बात करनी चाहिए

वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि यदि मुस्लिम समाज की तरफ से इसका विरोध किया जा रहा है तो उनके साथ सरकार को बैठकर बात करनी चाहिए। संवाद के माध्यम से हर समस्या हल किया जा सकता है, कोई भी समाज हो विकास का कोई विरोधी नहीं होता, बस उनकी बात सुनकर उन्हें यह समझाइश दे दी जाए कि यह विकास क्यों जरूरी है। मुस्लिम समाज और वक़्फ बोर्ड कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो ट्रेन निकालने का विरोध कर चुका है।

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