30 मार्च से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ पंचग्रही योग के साथ हो रहा है. इस विशेष संयोग में सूर्य, चंद्रमा, शनि, बुध और राहु ग्रह मीन राशि में स्थित हैं, जिससे यह एक दुर्लभ और प्रभावशाली ज्योतिषीय घटना बन गई है. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह योग अत्यंत शुभ माना जा रहा है, जो आध्यात्मिक उन्नति और साधना के लिए उत्तम समय प्रदान करता है.
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नव संवत्सर 2082 का आरंभ
आज से नव संवत्सर 2082 का भी शुभारंभ हो रहा है, जिसमें सूर्य देव राजा और मंत्री दोनों की भूमिका में हैं. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य दोनों पदों पर होते हैं, तो वर्ष में जलवायु परिवर्तन, कृषि उत्पादन में वृद्धि और आर्थिक सुधार के संकेत मिलते हैं.
धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
पंचग्रही योग के कारण यह नवरात्रि विशेष रूप से सिद्धि प्रदान करने वाली मानी जा रही है. इस दौरान उपासना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं. साथ ही, यह योग आध्यात्मिक साधना, ध्यान और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का उत्तम अवसर है.

