धनबाद। बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में करीब नौ साल चली सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने फैसला सुना दिया। धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने आरोपी हर्ष सिंह और नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
2017 में हुई थी रंजय सिंह की हत्या
रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह की 29 जनवरी 2017 को सरायढेला थाना क्षेत्र के चाणक्य नगर मोड़ के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें धनबाद के तत्कालीन विधायक और वर्तमान मेयर संजीव सिंह का करीबी बताया जाता था। घटना के दौरान उनके साथ मौजूद राजा यादव हमले में बच गए थे और बाद में मामले में गवाह बने।
23 गवाहों की हुई गवाही
मामले की सुनवाई करीब नौ वर्षों तक चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाहों का परीक्षण कराया गया। लंबी सुनवाई और अंतिम बहस के बाद अदालत ने शनिवार को अपना निर्णय सुनाया।
दोनों आरोपियों को मिला संदेह का लाभ
अदालत ने हर्ष सिंह और नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। फैसले के बाद दोनों आरोपियों को मामले में राहत मिली है। मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता समर श्रीवास्तव, आयुष श्रीवास्तव और सिद्धार्थ शर्मा ने पैरवी की।



