रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्विमिंग पूल में क्लोरीन गैस का रिसाव होने से हड़कंप मच गया। पानी में तैर रहे तीन बच्चे बीमार हो गए। जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि यह स्विमिंग पूल पहले से ही विवादों में रहा है। इधर, एक शादी समारोह में कलाकंद मिठाई खाने से 150 से ज्यादा बाराती-मेहमान बीमार हो गए। उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। वहीं डायनासोर पार्क में कुएं में गिरने से तेंदुए के शावक की मौत हो गई।
स्विमिंग पूल में क्लोरीन गैस का रिसाव
धार में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल बनाया गया है। जहां सोमवार रात करीब 8 बजे एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि इस स्विमिंग पूल में क्लोरीन गैस के सिलेंडर के पाइप से रिसाव शुरू हो गया। जब गैस का रिसीव हुआ तब कई बच्चे पानी में तैराकी कर रहे थे। इस क्लोरिन गैस को पानी में फैलते ही स्विमिंग कर रहे लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे पानी के भीतर ही छटपटाने लगे।
खतरे से बाहर
बच्चों की स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद परिजनों और कोच ने तुरंत उन्हें पानी से बाहर निकाला। इस दौरान बसंत विहार कॉलोनी की 4 वर्षीय प्रकृति और 7 वर्षीय हर्षित की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। दोनों बच्चों को तत्काल पास के ही निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद बच्चों को खतरे से बाहर बताया, लेकिन एहतियातन उन्हें 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाने से पहले बच्चों को उल्टी भी हुई थी। इस घटना ने पूल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले से ही विवादों में रहा है स्विमिंग पूल
धार का यह स्विमिंग पूल पहले से ही विवादों में रहा है। कुछ दिन पूर्व यहां कुछ युवकों और कोच के बीच विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट की घटना सामने आई थी। इसके बाद कोच यहां से चले गए थे। इस घटना के दो दिन बाद नए कोच नियुक्त किए गए थे। इस स्विमिंग पूल में अब क्लोरिन गैस लीकेज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। जानकारों के अनुसार, स्विमिंग पूल के पानी को स्वच्छ रखने के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग किया जाता है, जो पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक जीवों को खत्म करती है। लेकिन इसके उपयोग में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। स्विमिंग पूल के संचालन कर रहे महेंद्र बिल्लौरे ने बताया कि 3 बच्चे बीमार हुए है, जिनका निजी अस्पताल में इलाज जारी है। उनको कुछ देर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।

शादी में कलाकंद मिठाई खाने से 150 से ज्यादा बीमार
इधर धार जिले के बदनावर के बखतपुरा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शादी में कलाकंद मिठाई खाने से 150 से अधिक बाराती-मेहमान बीमार हो गए। मेहमानों ने जैसे ही नाश्ता किया, करीब डेढ़ घंटे बाद ही बेचैनी, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। बताया जा रहा है कि गांव के राधेश्याम पटेल के परिवार में शादी थी और रतलाम के पास से बारात आई थी। सगाई की रस्म के बाद सभी मेहमानों और घर-परिवार के लोगों ने कलाकंद और आलू बड़े का नाश्ता किया।
इसके कुछ ही देर बाद बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ते देख बीमारों को तुरंत आसपास के गांवों जैसे भैंसोला, संदला और बदनावर के निजी अस्पतालों में ले जाया गया। कुछ बाराती तो वापस लौटते वक्त रास्ते में ही बीमार पड़ गए, जिन्हें मजबूरी में बीच रास्ते के क्लीनिकों पर रुककर इलाज कराना पड़ा। भैंसोला के पाटीदार हॉस्पिटल में मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रही।
कारीगर के साथ काम करने वाली महिलाएं भी बीमार
अस्पतालों में भर्ती मरीजों में 8 साल के बच्चों से लेकर 45 साल तक के बड़े शामिल थे। यहां तक कि खाना बनाने वाले कारीगर के साथ काम करने वाली चार महिलाएं भी इसकी चपेट में आ गईं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि ज्यादातर लोगों को तीन घंटे के इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। फूड विभाग के अधिकारी देर शाम तक मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचे।

कुएं में गिरने से तेंदुए के शावक की मौत
वहीं बाग के नजदीक के ग्राम पाडलिया स्थित डायनासोर पार्क में कुएं में गिरने से तेंदुए के शावक की मौत हो गई। यह घटना कंपार्टमेंट नंबर 19 में घटी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह कुआं पार्क के भीतर हनुमान मंदिर के सामने खाई क्षेत्र में स्थित है। आशंका जताई जा रही है कि शावक पहाड़ी से फिसलकर सीधे कुएं में गिर गया होगा।
सरपंच ने निकाला शव
चौकीदार ने बताया कि कुएं के आसपास तेंदुए की दहाड़ और चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि शावक की मां भी आसपास मौजूद थी और उसे बचाने की कोशिश कर रही थी। चौकीदार ने उस समय आवाजें सुनकर आसपास तलाश भी की, लेकिन शावक का कोई पता नहीं चल पाया। सरपंच धर्मेंद्र बामनिया ने कुएं में उतरकर शावक के शव को बाहर निकाला। उपवन मंडल अधिकारी सुनील सुलिया का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की तलाश में वन्यजीव अक्सर जल स्रोतों के पास पहुंचते हैं, जहां खुले कुएं और गहरी खाइयां उनके लिए खतरा बन जाती हैं।

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