सीबीएसई (CBSE) के नए डिजिटल चेकिंग सिस्टम यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) को लेकर देश भर में मचे भारी बवाल के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है. शिक्षा मंत्री ने इस पूरे विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए छात्रों को भरोसा दिलाया है कि इस गड़बड़ी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों पर भी जवाब दिया है.

सीबीएसई अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा कि राहुल गांधी चुनावी हार की कुंठा के चलते देश की वैज्ञानिक प्रगति का विरोध कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए यह भी दोहराया कि इस प्रणाली में हुई किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी वे खुद लेते हैं.

धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा ?

मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, “CBSE ने पहली बार ये प्रयोग किया था. उसमें कुछ विसगतियां ध्यान में आ रही हैं. मैं इसका दायित्व लेता हूं. इसको ठीक किया जाएगा. इसका उपाय निकाला जाएगा. हम इसमें जुटे हुए हैं. हम एक भी विद्यार्थी की जिज्ञासा को असमाधित नहीं छोड़ेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि ये पारदर्शिता के साथ क्वालिटी मुहैया कराने का भी मुद्दा है.

हालांकि इस दौरान शिक्षा मंत्री ने OSM सिस्टम का बचाव भी किया. उन्होंने आंकड़े सामने रखते हुए कहा, “CBSE कि 12वीं की परीक्षा को लेकर जो भी मुद्दे सामने आए हैं, उनका मूल्यांकन शुरू किया जाएगा. 17 लाख छात्रों ने परीक्षा दिया था. उनमें से हर एक की 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का सुरक्षित रखा गया है. हर कॉपी में लगभग 40 पेज होते हैं, इसलिए कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ पेज को स्कैन किया गया है. CBSE ने पहली बार ये स्कैन सिस्टम लागू किया. OSM एक आधुनिक तकनीक है. भारत के और दुनिया के तमाम इंस्टीट्यूशन इसे अपनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं. ये स्टूडेंट-सेंट्रिक है ताकि बच्चों को पारदर्शिक तरीके से सारी जानकारी मिल सके.”

‘राहुल गांधी डिजिटल इंडिया के विरोधी हैं’

इसके साथ हि धर्मेन्द्र प्रधान ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिक्षा मंत्री ने उनके मानसिक संतुलन पर ही सवाल खड़े कर दिए. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘जहां तक राहुल गांधी का सवाल है, ऐसा लगता है कि वे एक अलग ही मानसिक स्थिति में पहुंच चुके हैं. लगातार मिल रही चुनावी हार के कारण वे पूरी तरह हताश और फ्रस्ट्रेटेड नजर आ रहे हैं. उन्होंने पहले इसरो (ISRO) का विरोध किया, फिर वे ईवीएम (EVM) का विरोध करने लगे, और अब वे ‘डिजिटल इंडिया’ का विरोध कर रहे हैं. वे भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के साथ खड़े ही नहीं होना चाहते.’

क्या कहा था राहुल ने ?

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बुधवार को एक बयान में कहा था कि CBSE परीक्षा परिणामों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं. उन्होंने इसके लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग भी की थी. वहीं शिक्षा मंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “सीबीएसई ने इस मामले पर अपना जवाब दिया है… मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अगर कोई अनियमितता पाई जाती है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.”

क्या है OSM सिस्टम ?

गौरतलब है कि सीबीएसई ने इस साल से 12वीं के स्टूडेंट्स की कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम शुरू किया था. इसमें छात्रों की कॉपियों को स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड किया जाता है. इसके बाद टीचर स्क्रीन पर ही कॉपी चेक करता है. नंबरों को कंप्यूटर खुद जोड़ता है ताकि टोटलिंग की गलती न हो. हालांकि छात्रों का आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर में कई तकनीकी खामियां हैं. स्कैन करते समय कॉपियां धुंधली स्कैन हो रही हैं, पेज गायब हैं और एक छात्र की कॉपी दूसरे छात्र के रोल नंबर से लिंक हो जा रही है. छात्र और अभिभावकों में इसे लेकर काफी गुस्सा देखा जा रहा है. इसके बाद सीबीएसई ने भी माना है कि ज्यादा ट्रैफिक की वजह से पोर्टल में तकनीकी दिक्कतें आई हैं.

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