नई दिल्ली: आगामी जनगणना 2026 के महत्वपूर्ण चरण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 1 मई से 30 मई के बीच प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का कार्य करेंगे। इस प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

पहचान पत्र देखना अनिवार्य

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब भी प्रगणक आपके घर पहुंचे, तो सबसे पहले उनसे उनका आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने का आग्रह करें। सुरक्षा के लिहाज से यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि जानकारी केवल अधिकृत व्यक्ति को ही दी जा रही है। 1 मई से शुरू होने वाले इस अभियान के दौरान सभी प्रगणकों के पास विभाग द्वारा जारी वैध कार्ड होना अनिवार्य है।

सटीक जानकारी देना जिम्मेदारी

जनगणना देश की नीतियों और विकास योजनाओं का आधार होती है। इसलिए, अपने और अपने परिवार के बारे में सही और सटीक जानकारी देना सुनिश्चित करें। आपकी दी गई जानकारी के आधार पर ही आने वाले समय में बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का खाका तैयार किया जाता है।

गोपनीयता का भरोसा और आरटीआई से सुरक्षा

नागरिकों के मन में डेटा की सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान आपके द्वारा साझा की गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि जनगणना के आंकड़ों को आरटीआई (सूचना का अधिकार) एक्ट के दायरे से बाहर रखा गया है। इसका अर्थ है कि कोई भी अन्य व्यक्ति या संस्था आरटीआई के माध्यम से आपकी निजी जानकारी प्राप्त नहीं कर सकती है।

सरकार ने नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में पूर्ण सहयोग करने और बिना किसी झिझक के सही तथ्य साझा करने का आह्वान किया है।