राकेश चतुर्वेदी, बैतूल। बैतूल के कोसमी गांव में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन को मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित किया गया है, वहां करीब 70 परिवार पिछले कई वर्षों से रह रहे हैं।
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जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम कोसमी के खसरा नंबर 48/1, 48/2 और 51/3/1 की भूमि मेडिकल कॉलेज परियोजना के लिए आवंटित की गई है। उनका कहना है कि कई परिवार वर्ष 1980 से यहां निवास कर रहे हैं। कुछ लोगों को राजीव गांधी आश्रय योजना 1998 और ग्राम पंचायत के माध्यम से पट्टे भी दिए गए थे।
ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में भूमि का सीमांकन होने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनके मकान भी मेडिकल कॉलेज के लिए तय जमीन के दायरे में आ रहे हैं। इससे लोगों में बेदखली का डर बढ़ गया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब ग्राम पंचायत की ओर से एनओसी जारी की गई थी और लोग वर्षों से वहां रह रहे थे, तो जमीन आवंटन से पहले स्थिति की जांच क्यों नहीं की गई।
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मामले को लेकर कलेक्टर और एसडीएम से चर्चा भी की गई। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जमीन का दोबारा सीमांकन कराया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। वहीं एसडीएम अभिजीत सिंह ने कहा कि उनके पदभार संभालने से पहले ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि सीमांकन के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

