सोनीपत। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते हुए खुद को लोहे के पिंजरे में बंद कर लिया। पिंजरे में कैद होकर और जंजीरें पहनकर उन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को उठाया तथा जिला परिषदों और पंचायतों को पर्याप्त विकास राशि दिए जाने की मांग की।

बड़वासनी ने कहा कि जिस प्रकार विधायकों और सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों के विकास के लिए सीधे ग्रांट और बजट उपलब्ध कराया जाता है, उसी तरह जिला पार्षदों और पंचायतों को भी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए सीधी और पर्याप्त विकास राशि दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि संसाधनों की कमी के कारण गांवों में कई जरूरी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। बड़वासनी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना ग्रामीण विकास की गति तेज नहीं हो सकती।

उन्होंने सरकार से मांग की कि जिला परिषदों और पंचायत प्रतिनिधियों को अधिक वित्तीय अधिकार दिए जाएं, ताकि वे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें। उनका यह अनोखा प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।